कोरोना महामारी के कारण 31 जुलाई तक स्कूलों को बंद रखे जाने का आदेश जारी हो चुका है। इस स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए शासन ने हमारा घर, हमारा विद्यालय अभियान शुरू किया है। सोमवार से जिले में इसकी शुरुआत हुई। शिक्षकों ने बच्चों के घर-घर जाकर अध्ययन कराया। साथ ही एक सप्ताह के लिए होमवर्क दिया।
डीपीसी संजय तोमर ने बताया जिले की 3042 प्राथमिक व मिडिल स्कूलों में अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान से स्कूलों में पढ़ने वाले डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चों को फायदा होगा। अभियान के पहले दिन शिक्षकों ने बच्चों के घर पहुंचकर स्कूल की तरह पढ़ाई कराई। ऐसा पहली बार हो रहा है कि बच्चों की स्कूल की बजाय उनके घर शिक्षक पढ़ाने के लिए पहुंच रहे है। जानकारी के अनुसार अभियान अभी 31 जुलाई तक चलाने के निर्देश है। यदि स्थिति सामान्य नहीं हुई तो इस अभियान को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
शिक्षक विहीन स्कूलों के बच्चों को भी मिलेगा फायदा
डीपीसी ने बताया जिले में पहली से लेकर आठवीं के बच्चों के लिए3042 स्कूल संचालित है। इनमें से 400 ऐसी स्कूल है। जो शिक्षक विहीन है। इनमें पढ़ने वाले बच्चों की भी पढ़ाई अभियान के तहत कराई जाएगी। जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं है। उन स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने के लिए सबसे नजदीक के स्कूल में पदस्थ शिक्षक उनके घर पहुंचेंगे।
रोज पांच बच्चों से करेंगे संपर्क
अभियान के दौरान शिक्षकों को बच्चों की मॉनीटरिंग करनी होगी। प्रत्येक दिन एक शिक्षक कम से कम पांच बच्चों की मॉनीटरिंग करेगा। मॉनीटरिंग स्वयं बच्चों के घर जाकर या फोन से संपर्क होगा। इसका रिकॉर्ड शिक्षकों को रखना होगा और एम शिक्षा मित्र पर जानकारी देनी होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/barwani/news/teachers-arrive-at-childrens-home-given-homework-for-a-week-127486545.html
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