Thursday, December 5, 2019

लेबड़-मानपुर ब्रिज हुआ खतरनाक, इसी से गुजर रहे भारी वाहन, स्पेशल बेरिंग नहीं बदले तो बीच में से धंस जाएगा

इंदौर-अहमदाबाद हाईवे के ऊपर से गुजर रहे लेबड़-मानपुर ब्रिज को जानकारों ने खतरनाक बता दिया। विशेषज्ञ इंजीनियर ने कहा है कि स्लैब के बीच डेढ़ इंच की गेप होना चाहिए। मगर स्पेशल बेरिंग खराब होने से गेप साढ़े तीन इंच तक बढ़ गई। जबकि आरी वॉल (सपोर्टिंग) में पहले से ही दरार पड़ गई थी।

इंजीनियर ने साफ कहा है कि जल्द पुल की दरारें नहीं भरी गई तो मुंबई जैसा हादसा यहां भी हो सकता है। अगस्त में भास्कर ने एमपीआरडीसी की पूनम कछवाया को ब्रिज की स्थिति से चेताया था। जिस पर कछवाया ने बारिश थमने के बाद पुल सुधार की बात कही थी। दिसंबर आ गया अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। गुरुवार को भी ब्रिज के एक ओर का ट्रैफिक ड्रम से रुका था। ठंड शुरू होने के साथ सुबह कोहरा छाने लग गया है। ऐसे में जल्द ब्रिज नहीं सुधारा गया तो धुंध में दुर्घटना होने का अंदेशा रहेगा।

टीयर गेप के स्पेशल बेरिंग खराब होने से ब्रिज पर पड़ी दरार। इसीलिए ड्रम रखकर एक ओर का ट्रैफिक रोका है।

भास्कर नॉलेज : अपने वजन से गार्डर पर फिट हो जाते है बेरिंग

ब्रिज निर्माण में बनाई जाने वाली गार्डर को बेरिंग पर रखा जाता है। इस पुल पर चार बेरिंग लगे हैं। लाखों रु. कीमत के यह बेरिंग सामान्य से अलग होते हैं। जिस पर गार्डर खुद अपने वजन से फिट हो जाती है। गार्डर को अलग से बांधा या सहारा नहीं दिया जाता। गार्डर के नीचे रखे बेरिंग खराब हो चुके हैं। जिससे गेप बढ़ रही है। जो खतरनाक है। इसका अब एक ही समाधान है कि पुल की दरारें भरने के साथ गार्डर को क्रेन से उठाकर बेरिंग बदले जाएं।

रोज दो लाख रु. टोल वसूल रही कंपनी : 4 किमी की सड़क मानपुर में मिल रही। हर दिन यहां से सैंकड़ों दो-चार पहिया और भारी वाहन गुजरते हैं। लेबड़ से मानपुर के बीच एक ही टोल नाका है। इनमें कार से एक्सल वाहन तक के लिए 53 से 600 रु. टोल शुल्क निर्धारित है। कंपनी रोजाना दो लाख रु. तक टोल वसूल रही है। फिर भी इस ब्रिज को चलने लायक नहीं बना रही। सड़क से मिट्टी उखड़कर धूल के रुप में तब्दील हो रही, गड्ढे पड़ गए। डिवाइडर के मोड़ पर झाड़ियां नहीं काटी जा रही। जिससे दुर्घटना की पूरी संभावना है।

हथेली से नापी जा सकती है गेप।

सीधी बात

पूनम कछवाय, प्रबंधक एमपीआरडीसी

तीन महीने पहले आपने बारिश बाद पुल का काम शुरू कराने की बात कही थी। अब तक काम शुरू नहीं हुआ क्या कारण है?

-हम जिम्मेदारों को लगातार नोटिस दे रहे है, लेकिन कोर्ट केस चलने से अभी कुछ कार्य नहीं कर रहे है। कोर्ट के निर्देशानुसार अनुसार ही काम किए जाएंगे।

वाहन चालकों से टोल कंपनी प्रतिदिन दो लाख रु. टैक्स वसूल रही। फिर भी उन्हें जर्जर सड़क से गुजरना पड़ रहा ऐसा क्यों?

-जहां तक टोल वसूलने का सवाल है उसके लिए हमने शासन को पत्र भी लिखा है। ठेकेदार को भी नोटिस दिए हैं।

समय पर जर्जर पुल का काम शुरू नहीं करने स्लैब में गेप बढ़ रहा। भविष्य में कोई अनहोनी होती है तो क्या आप इसकी जिम्मेदारी लेंगी?

-स्लैब में गेप नहीं ज्वाइंट है। यदि ज्वाइंट में गेप ज्यादा है तो उसका सुधार कार्य भी ठेकेदार को ही करना है। यह उसकी जिम्मेदारी है।



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Dhar News - mp news labor manpur bridge becomes dangerous heavy vehicles passing through it special bearing will not be changed if it is interrupted
Dhar News - mp news labor manpur bridge becomes dangerous heavy vehicles passing through it special bearing will not be changed if it is interrupted


source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-labor-manpur-bridge-becomes-dangerous-heavy-vehicles-passing-through-it-special-bearing-will-not-be-changed-if-it-is-interrupted-082121-6109654.html

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