कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन को लेकर कई लोग फर्जी अधिकारी बनकर ठगी कर रहे हैं। ऐसा ही मामला भंवरकुआं इलाके में आया है। पुलिस ने एक बिस्किट फैक्टरी संचालक अंशुल गुप्ता की रिपोर्ट पर आरोपी महिला तरन कौर को गिरफ्तार किया है। उसने खुद को तहसीलदार बताकर फैक्टरी का निरीक्षण किया और कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन होने पर ढाई लाख का चालान बनाने की धमकी दी।
टीआई इंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि अंशुल की पालदा में बिस्किट फैक्टरी है। 14 जुलाई की सुबह 11 बजे उन्हें आरोपी तरन कौर ने तहसीलदार बनकर फोन किया। दोपहर 4 बजे वह एक्टिवा से पहुंच गई। निरीक्षण करते हुए कहा- यहां कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन हो रहा है। उसने इस बारे में फैक्टरी के लेटर हेड पर लिखवाया और हस्ताक्षर कराए। इसके बाद फैक्टरी के संचालन के दस्तावेज मांगे। फिर चली गई। फोन पर कहा- मुझे एसडीएम राकेश कनकने ने फैक्टरी में मिली लापरवाही पर ढाई लाख रुपए का चालान बनाने के लिए कहा है। मैंने छानबीन की तो पता चला कि इस नाम से कोई एसडीएम नहीं है। बाद में मैंने भंवरकुआं थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने फोन किया तो फैक्टरी संचालक को शिकायत वापस लेने के लिए गिड़गिड़ाने लगी- अंकुश ने बताया कि जब मैंने थाने में शिकायत की तो थाने के पुलिसकर्मी रमेश कुशवाह ने मेरी शिकायत में दिए नंबर से महिला को कॉल किया। थाने से फोन जाते ही आरोपी महिला ने मुझे फोन कर कहा कि मुझे इंस्पेक्शन में गलती हुई है। आपकी फैक्टरी की जगह दूसरी फैक्टरी का इंस्पेक्शन करना था। आप शिकायत वापस ले लें। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/the-girl-reached-the-factory-after-being-a-fake-tehsildar-demanded-25-million-rupees-127524999.html
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