Sunday, July 19, 2020

हर व्यक्ति परिवार काे लिखे कि मेरी मृत्यु पर भाेज ना कराया जाए

मृत्युभाेज की कुप्रथा काे खत्म करने के लिए कई समाज और लाेग आगे आए हैं। इसमें कई प्रकार से सुझाव भी लाेग दे रहे हैं कि मृत्युभाेज पर अंकुश लगाने के लिए क्या उपाय हाे सकते हैं। इन्हीं में से एक निकल कर आया है कि हर व्यक्ति अपने परिवार काे लिख कर दे जाए कि मेरी मृत्यु पर भाेज ना कराया जाए, यही मेरे लिए सच्ची श्रद्धांजलि हाेगी। कुछ लाेगाें ने मृत्युभाेज पर दिखावा नहीं करने और बाकी रस्में परिवार के बीच करने का सुझाव दिया ताे कुछ ने इस राशि समाज के जरूरतमंदाें की मदद का आह्वान किया।

रुपए निर्धनाें में बंटवाना चाहिए
मृत्यु भाेज जैसी सामाजिक कुप्रथा बंद हाेना चाहिए। संपन्न लाेगाें काे उक्त राशि काे किसी सामाजिक कल्याण में खर्च करना चाहिए। ब्राह्मण भाेज भी नहीं हाेना चाहिए। ना किसी प्रकार का दान महापात्राें काे देना चाहिए। सब निर्धनाें काे बंटवा देना चाहिए।
ईश्वरचंद्र वर्मा, आवास नगर देवास

फिजूलखर्च नहीं हाेना चाहिए
मृत्यु भाेज काे हम पूरी तरह नकार नहीं सकते लेकिन भव्य आडम्बर और दिखावे के लिए कई व्यंजन बना कर फिजूलखर्च नहीं हाेना चाहिए। केवल दाेनाें परिवार पक्ष ही मिलकर दशा कर्म के कार्य संपन्न करें। आर्थिक बोझ नहीं आएगा
राधेश्याम राठाैर, संस्थापक सकल पंच क्षत्रिय राठाैर समाज जिला समिति देवास
जरूरी विधान ही होना चाहिए
काेराेनाकाल ने सिखाया है कि मृत्यु पर सिर्फ आवश्यक क्रिया कर्म विधान ही करना चाहिए, जिसमें केवल परिवार के लाेग शामिल हाें। हर व्यक्ति काे एक उम्र के बाद लेख लिख देना चाहिए कि मेरी मृत्यु हाेने पर मृत्यु भाेज का आयाेजन ना करें, मेरे लिए यही सच्ची श्रद्धांजलि है।

गाेपाल वैष्णव, नृसिंह मंदिर पुजारी हाटपिपल्या
बच्चाें की उच्च शिक्षा में दान करें

दूसरे के यहां खाया ताे अपने काे करना पड़ेगा, यह साेच बदलनी पड़ेगी। जिन परिवार में मृत्यु हाे जाती है, वाे सामाजिक भाेज की जगह पारिवारिक भाेज कर अात्म शांति कार्य करें। बचा पैसा समाज कार्य में लगाएं। समाज के बच्चाें की उच्च शिक्षा के लिए दान करें।
प्रवीण साेलंकी, मिश्रीलाल नगर देवास



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/dewas/news/every-person-should-write-to-the-family-not-to-be-sent-on-my-death-127532256.html

No comments:

Post a Comment