उद्योगपति डॉ. रमेश बाहेती ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री और इंदौर के पूर्व कलेक्टर अजीत जोगी। मेरे पारिवारिक मित्र। उनमें निर्णय लेने की गजब क्षमता थी। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह पर उनका सबसे ज्यादा भरोसा था। यही कारण है कि राजीव गांधी जी का इशारा मिलते ही अर्जुन सिंह जी के कहने पर रातोरात आईएएस की नौकरी छोड़ उन्होंने राजनीति में प्रवेश कर लिया। 7 जून 1983 की रात 11 बजे जब मैं सोने जा रहा था तभी अचानक टेलीफोन की घंटी बजी। फोन दिल्ली से था।
अर्जुन सिंह जी लाइन पर आए और मुझे कहा डॉक्टर साहब अजीत जोगी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। आप उन्हें घर लेकर आएं और मेरी उनसे तत्काल बात करवाएं। मैं जोगी जी के बंगले पर पहुंचा। वहां पता चला कि वे कृषि कॉलेज के हेड प्रोफेसर के यहां डिनर पर गए हैं। मैं वहां पहुंचा और उन्हें पूरी बात बताई, उनको घर लेकर आया। बाद में अर्जुन सिंह जी से उनकी बात करवाई। फोन पर अर्जुन सिंह जी ने कहा कि राज्यसभा के लिए मैंने राजीवजी के सामने तुम्हारा नाम रखा है, तुम्हें तत्काल अपनी आईएएस सर्विस छोड़ना होगी।
जोगी जी ने कहा, ‘सर जैसा आपका आदेश, मुझे मंजूर है।’ 15 मिनट बाद अर्जुन सिंह जी का दोबारा फोन आया और कहा कि भोपाल जाकर तत्काल त्यागपत्र दें। इसके बाद जोगी जी सीधे घर गए, वहां से भोपाल। रातोरात उन्होंने त्यागपत्र देकर अगले दिन राज्यसभा के लिए नामांकन जमा किया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/i-got-a-call-from-delhi-when-jogi-went-for-dinner-brought-him-from-there-and-got-him-talking-overnight-127358665.html
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