1972 के मंडी एक्ट में संशोधन करके जो नया मॉडल एक्ट लाया जा रहा है। इसे लेकर मंडी अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा लामबंद हो गया है और संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और इस संदर्भ में भारसाधक अधिकारी एसडीएम को इस मॉडल मंडी एक्ट के विरुद्ध इसे वापिस लेने को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मंडी एकता कर्मचारी संघ के प्रान्तीय सचिव एस एम जायसवाल ने बताया कि कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 में संशोधन करने और इसमें अधिकारियों का ध्यान नही रखे जाने पर संयुक्त मोर्चा द्वारा प्रबंध संचालक भोपाल को ज्ञापन दिया है। जिसमें इस मॉडल एक्ट के विरोध में पूरे प्रदेश की 2589 मंडियों, 298 उप मंडियों, 13 तकनीकी संभाग, 7 आंचलिक कार्यालय तथा मंडी बोर्ड मुख्यालय में समस्त कर्मचारी, अधिकारियों ने काली पट्टी लगाकर विरोध स्वरूप कार्य करने की बात कही गई। मंडी एकता संघ के प्रांतीय सचिव जायसवाल ने बताया कि इस ज्ञापन के माध्यम से हमारी मांग है कि इस मॉडल एक्ट को तत्काल वापस लिया जाए जो किसान, हम्माल, तुलावटी, व्यापारी तथा मंडी बोर्ड कर्मचारी विरोधी है।
इससे प्रदेश के लगभग 1 लाख 25 हजार हम्माल, तुलावटी एवं उनके परिवार, 55 हजार व्यापारी तथा लगभग 10 हजार कर्मचारियों एवं उनके परिवार की रोजी रोटी जाने का खतरा है। प्रदेश के जो मॉडल एक्ट है वह नियमों के विपरीत है, अपनी मनमानी से बनाया जा रहा है, जिसका हम सभी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे है और यह दो दिनों तक लगातार जारी रहेगा। इसके बाद संगठन आगामी रुपरेखा तय कर भविष्य की योजना बनाएगा।इस विरोध प्रदर्शन में मंडी अधिकारी कर्मचारी संघ के एएसआई मनीराम बाथम, हजारी लाल ,शिवशंकर शर्मा, अरविंद कुमार दुबे, ज्ञानेंद्र पाराशर व लाखन कुशवाह आदि शामिल रहे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/shivpuri/news/united-front-opposed-the-model-act-127358617.html
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