हेमू कालानी नगर निवासी महादेव हरोड बताते हैं बेटी गरिमा को आठ माह का गर्भ है। बिटिया की दवाई लेने या एटीएम से रुपए निकालने के दौरान शायद मैं संक्रमित हो गया। 21 अप्रैल को मेरी तबीयत खराब हुई। 29 अप्रैल को मैंने सैंपल दिया। 3 मई को प्राप्त हुई रिपोर्ट में मैं और बेटी दोनों पॉजिटिव निकले। हम दोनों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया। परिवार के चार सदस्य व छह किराएदार घर में क्वारेंटाइन थे।
इस दौरान नगर निगम में कार्यरत सुनील गोदने, उनकी बेटी प्रेरणा सहित पूरे परिवार, समधी बद्रीलाल चौहान, डॉ. यतिन मिश्रा व अन्य पड़ोसियों ने मदद की। ये सब हमारे प्राणरक्षक बने। बिटिया के लिए अस्पताल में सैनिटाइजर, प्रोटीन पावडर, दूध सहित अन्य जरूरत का सामान पहुंचाया। 14 मई को हमारी छुट्टी हुई तो सुनील खुद की कार से हमें लेने आए। यह सहयोग हम जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/they-are-positive-not-strangers-handle-them-remotely-if-the-positive-father-and-daughter-are-discharged-then-the-neighbors-themselves-arrive-by-car-127344556.html
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