प्रदेश की सभी शासकीय यूनिवर्सिटी में क्या समस्याएं हैं, इन समस्याओं का प्रभाव छात्रों पर कैसे पड़ रहा है? यह जानने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ कुलपतियों की बैठक लेंगे। इस बैठक राज्यपाल लालजी टंडन की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। बैठक से पहले यूनिवर्सिटी में पत्र भेजकर इस तरह की समस्याओं की जानकारी मांगी गई है ताकि बैठक में इनके निदान के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की जा सके। यूनिवर्सिटी को यह जानकारी 30 दिसंबर तक भेजना है। जेयू ने भी राजभवन से आए इस पत्र के बाद समस्याओं की सूची बनाना शुरू कर दिया है।
प्रदेश की यूनिवर्सिटी के कुलपतियों की बैठक अब तक राज्यपाल ही लेते थे, यूनिवर्सिटी से संबंधित समस्याएं भी इन्हीं बैठकों में उठाई जाती थीं लेकिन सरकार के स्तर पर फॉलोअप न होने की वजह से समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता था। इसलिए अब कुलपति मुख्यमंत्री के सामने यूनिवर्सिटी से संबंधित समस्याएं रखेंगे।
जेयू की सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की नियुक्ति और ब्लॉक ग्रांट में कमी: जेयू में सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी है। जेयू में शिक्षकों के 104 पद स्वीकृत हैं लेकिन अभी सिर्फ 54 शिक्षक ही नियुक्त हैं। 50 शिक्षकों की कमी की वजह से यहां पर शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों में भी शिक्षकों की नियुक्ति होना है, अभी यहां पर अतिथि विद्वानों से छात्रों को पढ़वाया जा रहा है। जेयू की ब्लॉक ग्रांट, जो कि शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर खर्च होती है वह भी मात्र 2.30 करोड़ है। पेंशन के लिए भी अनुदान कम मिलता है। इन शिकायतों को मुख्यमंत्री के सामने रखा जा सकता है।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-cm-will-meet-to-know-the-problems-of-government-university-074530-6266403.html
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