Friday, August 28, 2020

संयम का अर्थ है अपने ऊपर नियंत्रण रखना: मुनि श्री

अनियंत्रित विचारधारा और अमर्यादित खान पान व्यक्ति के अकाल मरणमें कारण बनता है। इसलिए प्रकृति से लेकर परिणाम तक अपने आने जाने उठने-बैठने और अपने खान पान पर नियंत्रण रखना बहुत आवश्यक है। उपरोक्त उद्गार पर्वराज पर्युषण के छटवें दिवस उत्तम संयम दिवस पर मुनि समता सागर महाराज ने आन लाइन प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए शीतलधाम विदिशा में व्यक्त किए। उन्होंने कहाकि संयम का अर्थ है अपने उपर नियंत्रण रखना। जैसे एक हाथी को महावत अपने नियंत्रण में रखता है। यदि नहीं रखे तो वह किधर भी जा सकता है और उत्पात मचा सकता है। नदी की सुरक्षा और विस्तार के लिए तटों का बंधन जरुरी है। नदी जब अपने तट बंधनों को तोड़ती है तो वह बाढ़ और विभिषिका को धारण करती है। उसी प्रकार में जीवन में अनंत सुख प्राप्त करने के लिए संयमित जीवन आवश्यक है। यदि कुशल ड्राइवर है और यदि कभी गाड़ी में ब्रेक कमजोर भी हो तो वह कुशलतापूर्वक आपकी यात्रा को पूर्ण करा देता है। जीवन रुपी इस गाड़ी में यदि संयम रुपी ब्रेक का ठीक होना आवश्यक है वरना कभी भी आपका जीवन समाप्त हो सकता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/vidisha/news/abstinence-means-taking-control-over-yourself-muni-shri-127663887.html

No comments:

Post a Comment