कोरोना के संक्रमण के कारण इस बार शहर में सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना नहीं की गई। ताजियों को लेकर भी प्रशासन ने पहले ही गाइड लाइन जारी कर दी थी। इस बार गणेश जी की बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए नगर पालिका अजनाल नदी किनारे विसर्जन कुंड नहीं बनवाएगी। हंडिया में भी नर्मदा किनारे भी विसर्जन कुंड बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस बार ज्यादातर लोगों ने गणेश की मूर्तियां घरों में ही विराजित की हैं। इन मूर्तियों को घर में ही विसर्जित करने की समझाइश दी जा रही है। शहर में भी हर साल 50 से ज्यादा सार्वजनिक जगहों पर गणेश की मूर्तियां विराजित की जाती थीं। पंडाल सजाए जाते थे, झांकियां सजाई जाती थी, लेकिन इस बार इन सब पर पाबंदी थी। इस कारण भगवान गणेश की मूर्तियां और गणेश उत्सव घरों तक ही सिमट कर रह गया है। ऐसे में मूर्तियों के विसर्जन के लिए हर साल की तरह इस बार नदी किनारे नपा कुंड नहीं बनाएगी। नपा सीएमओ जीके यादव ने बताया कि शासन ने पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे, इसलिए कहीं भी सार्वजनिक उत्सव समिति द्वारा बड़ी मूर्तियों की स्थापना नहीं की गई है। ऐसे में विसर्जन कुंड की जरूरत नहीं है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/due-to-corona-this-time-the-kund-will-not-be-built-there-will-be-ganesh-immersion-in-the-houses-127670329.html
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