पर्याप्त बारिश हाेने से जिले के डैम भर गए हैं। इसका फायदा किसानाें काे रबी सीजन में गेहूं व चना फसल की सिंचाई के लिए मिलेगा। सांवलखेड़ा गांव के पास इमलीढाना डैम का निर्माण साल 2010 में किया गया। यह डैम 650 एकड़ में फैला हुआ है। इसकी जलभराव क्षमता 8.471 एमसीएम है।
बारिश के चलते जलाशय में 8.471 एमसीएम जलभराव हो चुका है। इस जलाशय से 14 गांवों की 1990 हेक्टेयर खेती में सिंचाई हाेती है। इनमें सांवलखेड़ा, भीमपुरा, कोथमी, हसनपुरा, मुहाल सर्कुलर, चौकी, सोमगांव चौकी, कड़ौलाराघौ, सारसूद, सांगवामाला, सांगवा सर्कुलर, जटपुरा सर्कुलर, जटपुरा रैयत, सोनपुरा, महलपुरा, अंजरूदरैयत, अंजरूदमाल के किसानों को खेतों में सिंचाई करने पूरे साल पानी मिलता है। इसी तरह जामन्यागांव के पास साल 2011 में जामन्या डैम बनाया था। यह 45 एकड़ में फैला हुआ है। जलाशय में जलभराव क्षमता 0.91 एमसीएम है। अभी जलाशय में 0.82 एमसीएम पानी है। जलाशय से 3 गांवों में 194 हेक्टेयर खेती की जमीन में सिंचाई हाेती है। इनमें छुरीखाल, रुनझुन और जामन्या शामिल हैं।
आमाखाल से भी ओवरफ्लाे हाे रहा पानी
जल संसाधन विभाग ने सिराली तहसील के आमाखाल में साढ़े 15 करोड़ की लागत से अटल सरोवर डैम बनाया है। 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश से डैम पूरा भर गया है। डैम का लेबल 329.80 है, जाे पूरी तरह भर गया है। रबी सीजन में किसानाें काे सिंचाई का पर्याप्त पानी उपलब्ध हाे सकेगा।
ओवरफ्लो हाे रहे पानी काे देखने लाेग पहुंच रहे हैं। आमाखाल का अटल सरोवर एक दर्शनीय स्थल के रूप में उभर रहा है। मालूम हाे, डैम से आमाखाल, गोमगांव, महेंद्रगांव, रामपुरी, काशीपुरा की लगभग 830 हेक्टे. जमीन में सिंचाई हाेती है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/khirkiya/news/amakhal-imlidhana-and-jamanya-dam-are-full-127670412.html
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