मुरैना.बालम सेंट्रो गाड़ी रोक दे, गजक मोए ले दे... माेए गजक मुरैना से ले अईयो, मैं तोसे कह रही सैंया... माैड़ा-माैड़ी गजक को रोवें, मोए रातभर न साेन देवें... इन लाेकगीताें के बाेल से ही मिठास टपक रही है। दरअसल, पहली बार मुरैना की गजक की ब्रांडिंग के लिए प्रशासन द्वारा टाउनहाॅल में अायाेजित दाे दिवसीय मीठाेत्सव में प्रचलित लाेकगीताें में गजक शब्द जोड़कर पैरोडी बनाई गई। इन लोकगीतों की प्रस्तुति स्कूली छात्र-छात्राओं ने दी। कार्यक्रम में शहर के बड़े 20 दुकानदारों ने 55 तरह की गजक की स्टॉल सजाई।
एयरपोर्ट से विदेशों तक होगी ब्रांडिंग
सरकार मुरैना की गजक को जीआई टैग दिलाना चाहती है। टैग मिलते ही देशभर के एयरपोर्ट पर स्टॉल लगाकर मुरैना की गजक की ब्रांडिंग हो सकेगी। चेन्नई में स्थित इंस्टीट्यूट प्रोडक्ट की स्पेशलिटी के आधार पर जीआई टैग उस प्रोडक्ट को देता है, जो और कहीं न बनता हो।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/gajaks-branding-of-morena-for-the-first-time-the-sweetness-dripped-from-the-lyrics-126224789.html
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