Monday, December 2, 2019

120 साल पुराने स्कूल, पहले पीएस से एमएस हुए, फिर हाई स्कूल बन गया, लेकिन भवन जस का तस

नगर का सरकारी नावघाट स्‍कूल परिसर बीते 120 वर्ष से संचालित है। सन 1900 में यहां प्रायमरी स्‍कूल था। इसी परिसर में सन 1972 में मिडिल स्‍कूल प्रारंभ हुआ। वर्ष 1974 में प्राइमरी कन्‍या स्कूल भी प्रारंभ हुआ। जो वर्ष 2013 में कन्याशाला स्‍कूल में संविलियन हो गया। इसके बाद वर्ष 2013 में यहां हाईस्‍कूल प्रारंभ हुआ।

वर्तमान में इस स्‍कूल परिसर में प्राइमरी से लेकर हाईस्‍कूल तक तीन स्‍कूल संचालित हो रहे हैं। हर स्‍कूल का अलग आॅफिस, कबाड़ से भरे कमरे एवं अलग किचिन शेड, अलग लेटबाथ ने स्‍कूल परिसर की जगह छोटी कर दी है। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की उदासीनता उपेक्षा से परिसर दिनों दिन सिमटता जा रहा है। जिससे जगह की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है। हैरानी की बात तो यह है कि जिला के मंत्री के पास शालेय शिक्षा जैसा विभाग होने के बावजूद भी स्‍थानीय नेता एक कागज का आवेदन की जगह फूलमालाएं एवं गुलदस्‍ता लेकर उनके आगे पीछे दौड़ते हैं। सेल्‍फी लेकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। हाल ही में रनेह में आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी नगर से निकले, लेकिन किसी ने स्‍थानीय स्‍कूलों को कोई सौगात दिलाने का प्रयास भी नहीं किया।

हटा। एक साथ तीन स्कूल संचालित हाे रहे हैं। जिससे यहां जगह की संकीर्णता के कारण छात्रों को परेशानी होती है।

1972 से निरंतर तीन स्कूल संचालित हो रहे हैं

नावघाट स्‍कूल परिसर में वर्ष 1972 से निरंतर तीन स्कूल संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में प्राइमरी स्‍कूल में 311 छात्र दर्ज हैं। मिडिल में 327 एवं हाईस्कूल में 65 छात्र दर्ज हैं। जगह की कमी को देखते हुए करीब 20 साल पहले नगर पालिका के द्वारा नदी मार्ग पर एक हाल बनाकर दिया था, लेकिन उस हाल में शिक्षा प्रदान करने की जगह कबाड़ भरा हुआ है। हाईस्‍कूल का उन्‍नयन कर हायर सेकंडरी करने की मांग भी अभिभावकों द्वारा की जा रही है। हाईस्‍कूल हायर सेकंडरी स्‍कूल के लिए नए भवन के लिए पूर्व विधायक उमादेवी खटीक द्वारा प्रयास किया गया था, लेकिन उसके लिए भूमि एवं स्वीकृति फाइलों में सिमटकर रह गई है।

सभी को करने होंगे प्रयास: नगर के राजू नामदेव, सुरेश साहू, रमेश पटेल, राकेश सेन, नंदकिशोर साहू, नासिर खान, जयकुमार साहू ने बताया कि सौ साल से अधिक पुराने इस स्‍कूल ने अनेक प्रतिभाओं को उभारने में अपना योगदान दिया है। यदि सभी लोग संयुक्‍त रूप से प्रयास करें तो इस स्कूल के लिए नए भवन की सौगात मिल सकती है। हाईस्‍कूल प्राचार्य केपी बागरी ने बताया कि विभागीय स्‍तर पर जो भी प्रयास किए जाते हैं हम लोग कर रहे हैं। स्‍कूल के विकास के लिए सभी को आगे आना चाहिए।



नावघाट स्कूल परिसर में कौन-कौन सी समस्याएं आ रहीं हैं, इसको लेकर यदि कोई शिकायत आती है तो उसका निराकरण किया जाएगा। - पीपी सिंह, डीईओ



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Hata News - mp news 120 year old school first ms from ps then became high school but the building remains


source https://www.bhaskar.com/mp/damoh/news/mp-news-120-year-old-school-first-ms-from-ps-then-became-high-school-but-the-building-remains-084519-6081833.html

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