मंडला निवासी सेठ पदम चंद़ सिंघई का दशम प्रतिमा के साथ विगत रात्रि में 9.30 बजे सल्लेखना पूर्वक समाधि मरण विदिशा में विराजमान मुनि समतासागर महाराज के निर्देशन में संपन्न हुआ। गुरुवार को मंडला में उनकी अंतिम डोल यात्रा निकाली जाएगी। ऑनलाइन प्रवचन के उपरांत विदिशा जिला जैन समाज एवं श्री शीतलधाम विदिशा की ओर से उनको श्रदांजलि अर्पित की गई। विगत एक सप्ताह से मुनि समतासागर के निर्देशन एवं ऐलक निश्चयसागर महाराज की प्रेरणा से ऑनलाइन प्रवचन दिए गए। बाल ब्रम्हचारी अभय भैया एवं जबलपुर की सपना दीदी तथा पारस भैया अमरावती के माध्यम से मंडला सेठ पदम चंद (75 वर्ष) जो कि असाध्य रोग से ग्रस्त थे, उनकी संल्लेखना चल रही थी । शीतलधाम के प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया वह प्रतिवर्ष मुनि समतासागर महाराज के चातुर्मास में हमेशा उनका सान्निध्य प्राप्त करते थे। वर्तमान में आने जाने में असावधानी एवं प्रतिबंध है। इसी कारण सभी प्रवचन एवं धर्मसभा भी इन्टरनेट के माध्यम से ऑनलाइन चल रही थी। इस कारण यह समाधि संल्लेखना भी कोरोना काल में एक उदाहरण बन गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/vidisha/news/samadhi-death-of-seth-padamchand-went-online-under-the-direction-of-samata-sagar-127589910.html
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