Thursday, August 6, 2020

जाली तोड़कर सड़क पर आ गए पत्थर, मुख्य सड़क को बंद किया

बरेला से आगे नागाघाटी के हिस्से में मण्डला सड़क को एक बार फिर डायवर्ट करने की नौबत आ गई। इसकी वजह यही है कि हल्की बारिश में घाटी में एक बार फिर से भू-स्खलन जैसे हालात बने। सुबह के वक्त जाली तोड़कर पहाड़ से पत्थर खिसके और सड़क पर आ गये। इस दौरान कोई हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन इस घाटी में जो हालात हैं उससे किसी दिन कोई बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। घाटी को 3 साल पहले मुंबई की एक कंपनी ने सड़क बनने के बाद जालियाें से बाँधा पर ये जालियाँ ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकीं। हर बारिश में अब इस घाटी से पत्थर खिसककर सड़क तक आ रहे हैं। रात के वक्त किसी समय यह भू-स्खलन हुआ तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार मार्ग को अभी नागाघाटी के थोड़े हिस्से में डायवर्ट कर दिया गया है। साथ में जहाँ पर पत्थर ज्यादा खिसककर रोड तक आ रहे हैं वहाँ पर सुधार की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है िक जबलपुर-मण्डला सड़क को दो हिस्सों में बनाया जा रहा है। इसमें पहला हिस्सा चूल्हा गोलाई से नागाघाटी के आगे डोबी गाँव तक 22 किलोमीटर तक है जो बन चुका है। इसी पहले हिस्से में नागाघाटी भी आती है। इस हिस्से से आगे डोबी गाँव से फूलसागर की सीमा तक 63 किलोमीटर हिस्से को अलग बनाया जा रहा है जिसका 17 किलोमीटर का हिस्सा अभी अधूरा है। यहाँ पर सड़क खेतनुमा हालत में है।

पहाड़ी के हिस्से में हर बारिश में रोना
इस मार्ग में जब यह सड़क बनी है और नागाघाटी में पहाड़ के बड़े हिस्से को काटा गया है तभी से हर बारिश में यहाँ पर पत्थर जाली तोड़कर खिसक जाते हैं। अमूमन हर बारिश में इस मार्ग को डायवर्ट करने की नौबत आती है। जानकारों का कहना है कि इसका स्थायी समाधान खोजना चाहिए नहीं तो हमेशा यह समस्या बनी रहने वाली है। वैसे आसपास हाईवे निर्माण में जितने भी पहाड़ों को काटा गया है वहाँ पर बारिश के समय पहाड़ धसकने की घटनाएँ समय-समय पर सामने आ रही हैं। चाहे नागपुर रोड में हो या फिर मण्डला रोड में पहाड़ों के आसपास यही समस्या है।
मलबा हटाना समाधान नहीं | इस मार्ग से निकलने वाले लोगों का कहना है कि नागाघाटी के आसपास पहाड़ के खिसकने के बाद रोड पर आये हुये मलबे को यदि किनारे कर दिया जाता है तो यह किसी तरह का सुधार नहीं है। समाधान तभी मिल सकता है जब इस पहाड़ को पूरी सावधानी के साथ तारों से बाँधा जाए। यदि स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती है तो लगातार पत्थर खिसककर रोड में आते रहेंगे। अभी बारिश औसत से कम है, यदि जोरदार बारिश हुई तो अभी जो हालात हैं उससे बदतर भी हो सकते हैं। पी-4



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/stones-broke-on-the-road-after-breaking-the-network-closed-the-main-road-127593468.html

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