देश की सभी 100 स्मार्ट सिटीज के लिए भारत सरकार ने यह चैलेंज दिया है कि फिर से कैसे साइकिलों को सड़कों पर लाया जाए और लोग शर्म, झिझक और सहूलियत को छोड़कर अपनी पुरानी शान की सवारी साइकिलों पर आवाजाही करें। इसके लिए साइकिल 4 चेन्ज चैलेंज अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत स्मार्ट सिटी द्वारा लोगों से फीडबैक लिया जाएगा कि आखिर ऐसा क्या किया जाए कि लोग फिर से साइकिल चलाने के लिए तैयार हो जाएँ। स्मार्ट सिटी के सीईओ आशीष कुमार पाठक ने बताया कि भारत सरकार के शहरी आवास मंत्रालय द्वारा साइकिल फाॅर चेंज चैलेंज अभियान का शुभारंभ किया गया है। इसका मूल उद्देश्य यह है कि साइकिल चलाने से लोग स्वस्थ रहेंगे और इससे पर्यावरण भी ठकी रहेगा। यह एक तरह का कॉम्पटीशन है जिसमें सभी शहर भाग लेंगे और शहरों द्वारा किए गए प्रयासों का आकलन करने के बाद रैंकिंग जारी की जाएगी जिसके बाद पुरस्कार वितरित होंगे।पी-6
सबसे अधिक चलती थीं साइकिलें
श्री पाठक का कहना है कि एक समय ऐसा भी था जब साइकिलों के मामले में शहर प्रदेश में अव्वल था। यहाँ के सुरक्षा संस्थान जब छूटते थे तो घंटों आवाजाही थम जाती थी और लोग सड़क पार करने इंतजार करते थे। छात्र-छात्राओं द्वारा 20 से 30 किलाेमीटर का सफर साइकिलों से ही तय किया जाता था। किराए पर साइकिलें मिलती थीं, आरामदायक जिंदगी की चाह ने हमसे साइकिलों को छीन लिया।
निगम ने अब तक यह किया| नगर निगम ने साइकिल चालन को बढ़ावा देने के लिए कटंगा से ग्वारीघाट तक साइकिल ट्रेक बनाया, ओमती नाले पर एनएमटी बनाया, डुमना नेचर रिजर्व में 11 किलोमीटर का साइकिल ट्रेक बनाया, डुमना में 30 साइकिलें उपलब्ध कराई गईं, हैक्सी साइकिल शेयरिंग योजना चालू की गई थी जो फिलहाल बंद है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/exercise-to-create-bicycle-friendly-city-campaign-will-run-127593461.html
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