Sunday, August 23, 2020

गोरखा मंदिर को लेकर नेपाली संस्कृति परिषद ने की कलेक्टर से शिकायत

दो महीने से भारत-नेपाल बार्डर पर सीमा को लेकर तनाव चल रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय नेपाली समुदाय ने सामाजिक गतिविधियों के लिए जिला प्रशासन से भूमि आवंटन के साथ-साथ नरसिंहपुर रोड पर बने नेपाली (गोरखा) मंदिर के अस्तित्व को बचाने की मांग की है।

नेपाली संस्कृति परिषद (अंतरराष्ट्रीय) ने इस मामले में एक पत्र जिला प्रशासन काे सौंपा है। परिषद के स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि मंदिर के करीब एसएएफ का पेट्रोल पंप बनाया गया है। इससे मंदिर की गतिविधियां प्रभावित हाे रही हैं।

नेपाल पैलेस को जमींदोज करने की दुहाई दी
पत्र में परिषद की स्थानीय जिलाध्यक्ष सरस्वती गुरुंग का कहना है कि विवि के पास नेपाल के राजपरिवार से संबद्ध लोगों को का महल (नेपाल पैलेस) था। जिसे संरक्षण के बजाए ध्वस्त कर दिया गया। गुरुंग का कहना है कि समय रहते अगर प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो इस मंदिर का भी यही हश्र होगा। पहले मंदिर के चारों ओर करीब 8 एकड़ जमीन थी, जिस पर धीरे-धीरे सरकारी विभाग व अन्य निजी लोग बनते-बसते गए। जैसे-तैसे मंदिर अब कुछ सौ फीट के दायरे में बचा है तो पास ही बने एसएएफ के पेट्रोल पंप के निर्माण के दौरान यहां मलबा फेंक दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सामुदायिक भवन बनाना चाहते हैं, जमीन नहीं मिली
अध्यक्ष गुरुंग का कहना है कि हमारे समुदाय की महिलाओं समेत मकरोनिया-बटालियन में रहने वाली सभी वर्ग की महिलाओं के लिए हम लोग एक प्रशिक्षण केंद्र शुरु करना चाहते हैं। इसके लिए हम एक सामुदायिक भवन बनाना चाहते हैं। लेकिन प्रशासन जमीन नहीं दे रहा। इधर इस मामले में तहसीलदार डॉ. नरेंद्र बाबू यादव का कहना है कि ये प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं आया है। जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों से संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंेगे।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/nepali-culture-council-complains-to-collector-about-gorkha-temple-127646473.html

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