प्रदेश के पहले चाइल्ड फ्रेंडली न्यायालय भवन का होशंगाबाद में मंगलवार काे शुभारंभ किया गया। इस बाल हितैषी न्यायालय में गवाही के लिए आने वाले बच्चों को न सिर्फ पारिवारिक हितैषी माहाैल मिलेगा बल्कि वे बिना डर के बयान दे सकेंगे। बच्चों के अनुरूप इसे तैयार कराया गया है, जिसमें बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौने भी रखे गए हैं। न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल ने इसका ई-शुभारंभ किया। डीजे चंद्रेश कुमार खरे ने कहा- प्रदेश में सबसे पहले यह न्यायालय भवन जिले को मिलना सुखद है। चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट में बच्चों को घर जैसा सहज लगेगा। इस न्यायालय में गवाही के लिए आने वाले बच्चों को आराेपी के सामने जाए बिना ही पहचान करने की सुविधा मिलेगी।
न्यायालय भवन में यह रहेगा खास
1 न्यायालय में बतौर सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक तरफ से देखे जाने वाला रूम बनाया है जो चारों तरफ काली फिल्म की परत वाला होगा। उसमें से बच्चा काेर्ट में आराेपी को देख सकेगा। लेकिन आराेपी बच्चे काे नहीं देख सकेगा। बच्चा भयमुक्त माहौल में अपने बयान दर्ज करा सकेगा।
2 न्यायालय में गवाही देने के लिए पेश होने वाले बच्चों को पारिवारिक माहौल दिया जाएगा। कोर्ट की दीवारों पर कार्टून बनाए गए हैं ताकि बच्चा सहज रह सके। कुछ दिनों में यहां खिलौने आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट खोलने को कहा है।
खाने से लेकर मनोरंजन तक की व्यवस्थाएं रहेंगी भवन में : भवन ऐसे बच्चों के लिए बनाया है जिनके साथ अपराध घटित हुए हैं। न्यायालय परिसर में बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई हैं। यहां खाने से लेकर खेलने तक की व्यवस्थाएं है। पेयजल और जलपान के लिए काेर्ट परिसर में ही व्यवस्था की गई है। परिवार काे बैठने के लिए सोफे भी लगवाए गए हैं।
न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल ने किया ई-लाेकार्पण
प्रदेश के पहले बाल हितैषी स्वतंत्र न्यायालय भवन का लोकार्पण मंगलवार को हुआ। यह भवन होशंगाबाद कोर्ट परिसर में बनाया गया है। न्यायालय का ऑनलाइन लोकार्पण मंगलवार काे दोपहर में न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल, मुख्य न्यायाधिपति मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर ने किया। इस बाल हितैषी न्यायालय के पीठासीन न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे होंगे। इस दौरान न्यायमूर्ति संजय यादव, प्रशासनिक न्यायाधिपति मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे, पोर्टफोलियो न्यायाधिपति मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर भी उपस्थिति रहे। इस अवसर पर जेपी सिंह विशेष न्यायाधीश, सचिन शर्मा प्रथम अपर जिला न्यायाधीश, हिमांशु काैशल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला रजिस्ट्रार विजय पाठक और अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रदीप चाैबे और सचिव हेमंत ठाकुर मौजूद रहे।
बच्चे आरोपी को देख सकेंगे और आरोपी को पता भी नहीं रहेगा : जानकारी के अनुसार इस बाल हितैषी न्यायालय में अपराध घटित बालक की सुनवाई सीधे होगी। इस न्यायालय में बालक आरोपी को सीधे पहचान सकेंगे। लेकिन आरोपी पीड़ित को नहीं देख सकेगा। यह न्यायालय आधुनिक संसाधनों से लैस होगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/itarsi/news/the-victims-children-will-be-able-to-identify-him-without-going-to-the-accused-127653583.html
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