पहले ही इस बात पर जोर दिया जा रहा था कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना की जाँच में तेजी नहीं ला रही है, जिसके कारण यह माना जा रहा था कि संक्रमित चिन्हित नहीं हो रहे हैं और वे दूसरों को बीमार कर रहे हैं। चार महीने बाद प्रशासन को यह बात समझ आई और सैम्पल की संख्या बढ़ाई गई जिसका परिणाम अगस्त के इन 25 दिनों में सामने आ गया है। यह आँकड़ा चौंकाने वाला है कि 31 जुलाई को जिले में संक्रमण की दर जहाँ 5.41 प्रतिशत थी वहीं 25 अगस्त को यह आंकड़ा 5.99 लगभग 6 प्रतिशत हो गया है। इन 25 दिनों में 28 हजार 300 सैम्पल लिए गए जिनमें 1843 संक्रमित मिले। 25 दिन का यह आँकड़ा 20 मार्च से 31 जुलाई तक चार महीने से अधिक समय में मिले संक्रमितों से ज्यादा है।
जुलाई माह तक जिले में 29775 सैम्पल लिए गए थे, जिनमें 1613 संक्रमित मिले वहीं इस समय तक 29 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। 31 जुलाई तक यहाँ की संक्रमण दर 5.41, रिकवरी रेट 51.39 और मृत्यु दर 1.79 प्रतिशत थी। अगस्त माह के इन 25 दिनों में यह आँकड़ा बढ़ा है जिसमें संक्रमण दर 6 फीसदी के करीब 5.9 तक पहुँच गई है, स्वस्थ होने का औसत बढ़कर 73.69 तक पहुँचा, वहीं मृत्यु दर 2 फीसदी के करीब 1.99 प्रतिशत हो गई है। जितने सैैम्पल चार महीने में लिए गए लगभग उतने इन 25 दिनों में हुए हैं। संक्रमण और मृत्यु दर बढ़ना प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे के लिए चुनौती है।
कोरोना पीड़ित की अंत्येष्टि में माँग रहे चाय-पानी का भी खर्चा| वर्तमान में नगर निगम द्वारा कोरोना संक्रमण से मृत होने वालों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस काम में लगे कर्मियों द्वारा मृतकों के परिजनों से पैसे लेने की शिकायतें आने लगी हैं। मंगलवार को चौहानी में कटनी निवासी कोरोना से मृत महिला के अंतिम संस्कार में निगम कर्मियों द्वारा लकड़ी के ज्यादा पैसे लेने के साथ ही उसे चिता बनाने, पीपीई किट के साथ ही बाद में चाय-पानी के भी पैसे माँगे गए। दूसरे शहर के परिजनों को भुगतान की मजबूरी थी, जानकारी के अनुसार संक्रमित की मौत की अंत्येष्टि के लिए निगम द्वारा प्रबंध किया जा रहा है, लेकिन उसका मैदानी अमला परिजनों से वसूली कर रहा है। पी-4
कोरोना मरीजों को बाँटे पल्स ऑक्सीमीटर व खाने का सामान
मेडिकल के सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के कोविड वार्ड में मंगलवार को संक्रमित मरीजों की सेवा का अभियान माेक्ष संस्था द्वारा चलाया गया। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने भर्ती मरीजों की परेशानियाँ पूछीं तथा उनको पल्स ऑक्सीमीटर के साथ ही सेनिटाइजर, बिस्किट के पैकेट, पानी आदि उपलब्ध कराया। संस्था के अध्यक्ष आशीष ठाकुर का कहना था कि यहाँ कई मरीज देखरेख के अभाव में तकलीफ उठा रहे हैं, मेडिकल प्रबंधन को उनके बारे में सोचना चाहिए। इस दौरान वार्ड में मरीजो को गर्म पानी उपलब्ध कराने के लिए इलेक्ट्रिक केतली दी गई। इस अवसर पर संस्था के समरप्रीत सिंह, मोंटी विश्वकर्मा, नीरज मिश्रा, पप्पू खान आदि ने सामान वितरण में सहयोग किया।
होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों से पूछा हाल
स्मार्ट सिटी के दमोहनाका स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में बने एकीकृत कोरोना कंट्रोल रूम पहुँचकर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने वीडियो कॉल कर होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों से बातें कीं। उन्होंने मरीजों से हालचाल जाने तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की। उन्होंने इन मरीजों का हौसला बढ़ाते हुये उन्हें चिकित्सकों से निरन्तर सम्पर्क में रहने तथा उनके द्वारा दी गई सलाह के मुताबिक नियमित रूप से दवाएँ लेते रहने की सलाह दी। इसके पहले कलेक्टर ने कोरोना कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और यहाँ कोरोना मरीजों का वार्ड वार डेटा तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का अवलोकन किया। उन्होंने इस सिस्टम का उपयोग मास्क न पहनकर घूमने वाले लोगों पर कर जुर्माना लगाने में करने के निर्देश दिये।पी-2
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/increase-in-infection-rate-by-05-percent-compared-to-july-death-also-increased-heavy-25-days-on-four-months-127653586.html
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