सावन के अंतिम साेमवार काे भी शहर के अतिप्राचीन चक्कीवाले महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं काे प्रवेश नहीं दिया गया। यहां मंदिर परिसर मंे दिनभर गेट पर पुलिस का पहरा रहा। जिसके चलते भाेलेनाथ का अभिषेक करने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर गेट पर ही पुजारी काे जल का लोटा दिया। पुजारी ने सभी से लोटे लेकर भगवान का जलाभिषेक किया।
तहसील के चक्कवाले महादेव मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, कुटिया वाले महादेव मंदिर, कंपनी बाग मंदिर, रामेश्वर महादेव मंदिर सहित अनेक शिवालयाें मंे सावन के अंतिम साेमवार पर सुबह से ही भगवान का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा यहां पर सुबह पुजारियाें ने भगवान का रूद्राभिषेक व पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद यहां शाम काे भाेलेनाथ को भांग, मावा व ड्रायफ्रूट से सजाया गया।
चक्कीवाले महादेव मंदिर पर श्रद्धालु के प्रवेश पर पुरी तरह प्रतिबंधित रहा। यहां दाेनाें गेट पर सुबह से ही पुलिस जवान तैनात रहे। अाम श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकें। वहीं सावन के अंतिम साेमवार पर धारनाका स्थित कुटिया वाले महादेव मंदिर पर भाेलेनाथ का सतत 12 घंटे दूध से अभिषेक किया गया। इस दाैरान यहां मंदिर की जलधारा मंे दूध अर्पित किया गया। जिससे शिवजी का दिनभर दूध से अभिषेक हाेता रहा। यहां पर सुबह से ही पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/mhow/news/the-police-guarded-the-temple-devotees-threw-water-for-the-priests-consecration-at-the-gate-itself-127583190.html
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