कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के मामले में प्रशासन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि जिस व्यक्ति ने कोविड-19 की जांच ही नहीं कराई, प्रशासन की टीम ने उसे जबरदस्ती उठाकर अस्पताल में भर्ती कर दिया और लगभग 9 दिन तक कोरोना संक्रमितों के साथ रखा।
तमाम स्पष्टीकरण देने के बाद प्रशासन ने व्यक्ति को दसवें दिन डिस्चार्ज किया। दूसरा मामला इसके ठीक उलट है। जांच में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी युवक से प्रशासन की टीम ने संपर्क नहीं साधा। युवक ने दो दिन इंतजार किया, लेकिन जब प्रशासन की टीम उसे लेने नहीं पहुंची तो थक हार कर वह अपने दतिया स्थित घर लौट गया।
भैंस चराकर लौटा, टीम आई और अस्पताल में भेज दिया
17 अगस्त को मैं भैंस चराकर लौटा था कि 108 एंबुलेंस आई। अधिकारियों ने कहा कि तुम्हारी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल में भर्ती करना है। मैंने समझाया कि जांच नहीं कराई तो रिपोर्ट में नाम कैसे आ गया। किसी ने मेरा नाम और मोबाइल नंबर लिख दिया है। बहू मिथलेश ने हाथ जोड़े लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। अधिकारी ने कहा कि परेशान किया तो तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज कर देंगे।-जैसा टिहोली के शोभाराम जोशी (77) ने भास्कर को बताया।
4 दिन तक किसी ने संपर्क नहीं किया
मेरे दादाजी सुपरस्पेशलिटी हाॅस्पिटल में भर्ती हैं। पहले मैं उनकी देखभाल कर रहा था, इसलिए मैंने जांच कराई। शुक्रवार को मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लेकिन रात तक मुझे कोई नहीं आया। अगले दिन मैंने हाॅस्पिटल के स्टाफ से भर्ती करने के लिए कहा तो उन्होंने प्रशासन की ओर टाल दिया। आखिर में मैं गांव लाैट आया। -जैसा दतिया के प्रदीप ने भास्कर को बताया।
दो सीनियर डॉक्टर और दाबेली बेचने वाले दाे भाई भी पॉजिटिव
ग्वालियर| मंगलवार काे जेएएच के दाे और सीनियर डाॅक्टर काेराेना संक्रमित पाए गए। इस तरह अभी तक जेएएच के करीब 30 डाॅक्टर संक्रमित हाे चुके हैं। मंगलवार काे कंपू के 37 वर्षीय व्यक्ति के साथ उसका 23 वर्षीय भाई भी संक्रमित निकला है। दोनों कंपू पर ही दाबेली का ठेला लगाते हैं और जांच कराने के बाद भी उन्होंने ठेला लगाया। वहीं माधवगंज के जेएएच में सहायक प्राध्यापक है। बुखार आने पर जांच कराई, तो संक्रमित निकले। ऐसे ही 24 वर्षीय युवक जेएएच के पीएसएम विभाग में पदस्थ है। सर्जरी विभाग में पदस्थ नर्स भी संक्रमित निकली है। नर्स ने 13 अगस्त तक ड्यूटी की है। वहीं गायनिक विभाग में 28 वर्षीय नर्स भी चपेट में आई है।
पूर्व मंत्री का निज सचिव निकला संक्रमित
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के निज सचिव को कोरोना होने की पुष्टि हुई है। वह आनंद नगर रहते हैं और अभी हाल ही में पूर्व मंत्री के साथ भोपाल से लौटे है। वहीं लाला का बाजार के 57 वर्षीय वृद्ध निगम के वार्ड 21 में बाबू है। लाला का बाजार में रहने वाले एक डॉक्टर संक्रमित निकले हैं। उनकी शिंदे की छावनी पर कृष्णा क्लीनिक है। वहीं बीते रोज फूलबाग की सभा में 19 वर्षीय युवक को पड़ाव पुलिस ने मय चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। युवक जांच रिपोर्ट में संक्रमित निकला है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/endangering-the-healthy-and-leaving-the-sick-open-the-77-year-old-was-kept-among-the-infected-without-investigation-did-not-recruit-the-positive-127652982.html
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