Saturday, August 22, 2020

निजी अस्पतालों में 216 बेड, आईसीयू के सिर्फ 49, कुछ में वेन्टिलेटर सुविधा नहीं

कुछ निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन इनमें गंभीर मरीजों की उपचार सुविधा वाले अस्पताल 4 ही हैं जहाँ हर प्रकार की सुविधा हो। प्रशासन की पहल पर इन अस्पतालों ने अपनी बेड क्षमता के अनुसार 10 प्रतिशत पलंग कोविड मरीजों के लिए दिए, लेकिन वहाँ सिर्फ बिना या मामूली लक्षण वाले संक्रमितों को ही रखने की सुविधा है। मेट्रो, सिटी और मेडिसिटी और बॉम्बे अस्पताल ही ऐसे हैं जो वेन्टिलेटर, एचएफएन आदि उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। यह आँकड़ा चौंकाने वाला है कि 9 अस्पताल कोविड मरीजों को भर्ती कर रहे हैं, इनके 216 बेड में आईसीयू के सिर्फ 49 बेड ही हैं। जाहिर तौर पर निजी अस्पताल जाने वाले मरीजों की स्थिति खराब ही होगी ऐसे में आईसीयू की यह संख्या काफी कम है। अधिकांश निजी अस्पतालों में गंभीर संक्रमित मरीज के इलाज की सुविधा नहीं है, ऐसे में मरीज परेशान हो रहे हैं। कुछ अस्पताल तो आइसोलेशन सेंटर की तरह संक्रमितों को रख रहे हैं और उनसे मोटी कमाई की जा रही है। ऑक्सीजन बेड वाले अस्पतालों में वेन्टिलेटर सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर मरीज के इलाज की सुविधा नहीं है, वहीं कुछ ने प्रशासन को आईसीयू के कोरोना गाइड लाइन के अनुरूप न होने की बात कही है।

बिना लक्षण वाले मरीजों का बिल 2 से 4 लाख का
निजी अस्पतालों में गंभीर मरीजों की इलाज सुविधा नहीं होने के बाद भी वहाँ मरीजों से मोटी फीस ली जा रही है। आम दिनों में 2 से 3 हजार रुपए प्रतिदिन वाले रूम का 5 से 7 हजार व अन्य खर्च मिलाकर िबना लक्षण वाले मरीजों से 10 से 15 हजार रुपए प्रतिदिन वसूले जा रहे हैं। नियमित जाँचों व स्टाफ के उपयोग वाली पीपीई किट आदि का भी पैसा अलग से लिया जा रहा है। अस्पतालों में अलग-अलग सुविधा के हिसाब से दिन के फिक्स चार्ज तय किए हैं। सेमी प्राइवेट रूम जहाँ 2 मरीज भर्ती हों उसके लिए इस बिल में 30 से 40 प्रतिशत कटौती की जाती है।

पाॅजिटिव तो एयर एम्बुलेंस की "ना'
यदि कोई बड़ा आदमी पॉजिटिव आता है तो वह मेट्रो सिटी के बड़े अस्पताल में इलाज कराना चाहता है। लेकिन गाइडलाइन के मुतािबक पाॅजिटिव मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में मेट्रो सिटी के हायर सेंटर जाने के लिए लोग सड़क मार्ग का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि ट्रेन भी कुछेक ही हैं। यही वजह कि छोटे शहरों के संपन्न लोग जबलपुर का रुख कर रहे हैं क्योंकि निजी वाहन या एम्बुलेन्स से दिल्ली या मुंबई जाना कष्टप्रद है।

शिक्षक पॉजिटिव, मोहल्ला क्लास बंद
जबलपुर। जिले के चार शिक्षकों के पॉजिटिव मिलने के बाद मोहल्ला क्लास बंद कर दी गई है। मोहल्ला क्लास के तहत शिक्षक पंचायत और जनप्रतिनिधियों के घर पर उन छात्रों के लिए क्लास लगा रहे थे, जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है। अब पहली से आठवीं तक के छात्रों को रेडियो और दूरदर्शन पर होने वाली क्लास को अटेंड करने के लिए कहा जा रहा है।

92 हजार का जुर्माना वसूला
जबलपुर। रोको-टोको अभियान के तहत मास्क न पहनने वालों से शनिवार को 559 व्यक्तियों से 92 हजार 26 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। कार्यवाही में पुलिस द्वारा 451 व्यक्तियों से 45 हजार 550 रुपए एवं नगर निगम द्वारा 63 व्यक्तियों से 41 हजार 976 रुपए का वसूला गया जुर्माना शामिल है।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/216-beds-in-private-hospitals-only-49-in-icu-some-have-no-ventilator-facility-127643232.html

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