शहर में हर बार खंडवर्षा हाे रही है। सोमवार को लश्कर क्षेत्र में तेज बारिश हुई। 20 मिनट में सड़कें बारिश के पानी से लबालब हाे गईं। पड़ाव, फूलबाग, नदीगेट और मोतीमहल गेट के पास पानी भरने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई, लेकिन मुरार क्षेत्र में कम बारिश हाेने से हालात सामान्य रहे। यही वजह रही कि मौसम विभाग कार्यालय में महज 2.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब तक मानसून सीजन में 284.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि अभी तक औसत बारिश का काेटा 439.3 मिमी है। ग्वालियर काेटे की तुलना में बारिश में 154.5 मिमी पीछे है। मौसम विशेषज्ञाें के अनुसार अगले दो दिन तक मध्यम दर्जे की बारिश होते रहेगी, क्योंकि बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। साथ ही राजस्थान से लेकर उड़ीसा तक ट्रफ लाइन जा रही है।
दिन और रात का पारा चढ़ा
कम बारिश के कारण दिन और रात का पारा सामान्य से ऊपर है। साेमवार काे पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 0.3 डिग्री बढ़त के साथ 34.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस बढ़त के साथ 27 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक रहा।
आगे क्या: अभी दो दिन मध्यम दर्जे की बारिश की उम्मीद
उत्तर पूर्वी मप्र के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। 13 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम फिर से सक्रिय होने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी मप्र के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से अगले दो दिन तक अंचल में मध्यम दर्जे की बारिश होती रहेगी।
-डीपी दुबे, मौसम वैज्ञानिक
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/low-pressure-area-over-north-eastern-mp-another-system-to-be-created-in-bay-of-bengal-by-13-rain-still-expected-127606752.html
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