Wednesday, November 20, 2019

सिरोंज में कोई नहीं बता पा रहा कब तक आएगा

सिरोंज में कोई नहीं बता पा रहा कब तक आएगा यूरिया, बोवनी हो रही लेट: यूरिया की किल्लत की वजह से क्षेत्र में रबी की बोवनी का काम लगातार पिछड़ता जा रहा है। सोसायटी केन्द्रों पर मांग के अनुरूप यूरिया नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण किसान बोवनी नहीं कर पा रहे है। वे लगातार केन्द्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से भी किसी भी प्रकार का स्थाई जवाब नहीं मिल पा रहा। किसान राजेश साहू ने बताया कि मै एक सप्ताह से बोवनी की तैयारी कर रहा हूं, लेकिन यूरिया नहीं मिलने की वजह से बोवनी नहीं कर पा रहा। अभी भी कोई यह नहीं बता रहा कि सोसायटी केन्द्र पर यूरिया कब तक आएगा। क्षेत्र की 19 सोसायटियों द्वारा 2050 टन यूरिया की मांग की गई है। इसमें से अभी तक सिर्फ 766 टन यूरिया ही बंट सका है। प्राइवेट दुकानदारों द्वारा भी यूरिया बेचा जा रहा है लेकिन वह ज्यादा भाव वसूल रहे हैं। जो तय कीमत से कई गुना ज्यादा है। मिलावट की आशंका के चलते किसान इन दुकानों से यूरिया खरीदने से बच भी रहा है।

नटेरन में 100 टन की डिमांड है, लेकिन नहीं मिला: नटेरन सेवा सहकारी समिति और क्षेत्र में 30 अक्टूबर से यूरिया नहीं पहुंचाया गया है। जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं यूरिया भेजा जा रहा है। नटेरन सोसायटी से 100 टन की डिमांड भेजी है जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई। 25 टन यूरिया आया था जो बंट चुका है।

गंजबासौदा में सिंचाई के समय ज्यादा जरूरत: किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने के लिए एमपी एग्रो को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक किसानों को 6765 बोरी यूरिया उपलब्ध कराया है। एमपी एग्रो के कर्मचारी तोरण सिंह बघेल ने बताया कि डिमांड के अनुसार यूरिया मिलता ही नहीं। वर्तमान में जितना भेजा जा रहा है हाथों-हाथ बिक रहा है। सिंचाई के सीजन में डिमांड ज्यादा है। वहीं बाजार में यूरिया किसानों को महंगे दामों पर मिल रहा है। वहीं उनको ग्रोमोर या सल्फर की बोरी के साथ अधिकृत विक्रेता खरीदने मजबूर कर रहे हैं। रवि फसल की सिंचाई प्रारंभ सिंचाई के साथ किसान खेतों में यूरिया डाल रहे हैं।



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source https://www.bhaskar.com/mp/vidisha/news/mp-news-no-one-can-tell-how-long-will-come-in-sironj-072201-5990271.html

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