Tuesday, November 19, 2019

सन 1964 में खुली थी दवा की दूसरी दुकान, 87 साल की उम्र में रखते थे दवाओं का लेखा जोखा

शहर के सबसे पुराने मेडिकल व्यवसायी गुलाबचंद जैन राजू मेडिकल का आकस्मिक निधन

जैन होने के बाद भी झांकियों से लेकर रामलीला में खुले हाथों से दिया दान, अस्पताल में कराया था कक्ष का निर्माण

भास्कर संवाददाता| अशोकनगर

शहर के हृदय स्थल पर मेडिकल की दुकान वर्ष 1964 में कुछ दवाइयां रखकर शुरू हुई यह दुकान 55 सालों का सफर तय कर अपनी पहचान बना चुकी है लेकिन इस पहचान को बनाने वाले गुलाबचंद जैन पिपरई का चेहरा अब दुकान पर नजर नहीं आएगा। शहर में मेडिकल क्षेत्र में मौनी भैया की दुकान के बाद दूसरी मेडिकल स्व. श्री जैन ने खोली थी जिनका मंगलवार की सुबह आकस्मिक निधन हो गया।

हर साल रामलीला में करते थे आरती

स्व. श्री जैन किसी विशेष समाज या वर्ग तक समिति नहीं रहे। शहर के वरिष्ठ नागरिक रमेश नायक जी ने बताया कि जब आए थे तब स्व. श्री जैन रामलीला की आरती करने गए थे। वहीं इस वर्ष भी रामलीला में उनको आरती करने जाना था लेकिन स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उनके पुत्र विनोद जैन ने आरती थी।

रात को उठकर देते थे दवाएं

डाॅ. डीके जैन ने बताया कि अब तो शहर में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर खुल गए हैं लेकिन जब गिनती के मेडिकल होते थे तब दिन भर दुकान खोलने के बाद इमरजेंसी में रात को दवा की जरूरत पड़ती थी तो स्व. जैन ने आराम छोड़कर रात को कई बार मेडिकल खोलकर लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई। यहां तक अस्पताल में उन्होंने एक कक्ष का निर्माण भी कराया था।



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Ashoknagar News - mp news the second drug store opened in 1964 at the age of 87 kept a record of medicines


source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-the-second-drug-store-opened-in-1964-at-the-age-of-87-kept-a-record-of-medicines-063548-5982673.html

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