खाद-बीज दुकानदार नामी कंपनी की कीटनाशक की हूबहू कॉपी कर 60 एमएम की बोतल 1800 रु. में किसानों को बेच रहा था। कंपनी के अफसर ग्राहक बनकर गए तो पाया कि दुकानदार के पास उक्त कीटनाशक बेचने की अनुमति भी नहीं थी। शिकायत पर कृषि विभाग की टीम ने दुकान पर दबिश दी और पंचनामा बनाकर पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने दुकानदार के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले में दुकानदार का लाइसेंस निरस्त होगा और धारा 420 के तहत प्रकरण भी दर्ज होगा।
नकली दवा बेचने के मामले में शुक्रवार देर रात हरसूद पुलिस ने उपाध्याय कृषि सेवा केंद्र के प्रतिनिधि आशीष उपाध्याय के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया। हरसूद एसएडीओ सुंदरलाल मार्को को काफी समय से दुकानदार द्वारा कोरोजन नामक कीटनाशक बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी। जिस पर उन्होंने क्षेत्र के कृषि निरीक्षक को दुकान का निरीक्षण कर सैंपलिंग के लिए कहा। निरीक्षक द्वारा ध्यान नहीं देने पर एसएडीओ मार्को ने इसकी सूचना कृषि विभाग और कंपनी को दी।
60-60 एमएल की 7 बोतलें जब्त की, कॉपीराइट एक्ट के तहत दर्ज कराई एफआईआर
कंपनी के अफसर शुक्रवार को छनेरा पहुंचे और दुकान से कोरोजन खरीदा, जिसमें सामने आया कि दुकानदार द्वारा कोरोजन नाम से जो दवा बेची जा रही है वह नकली है। इसके बाद कृषि विभाग व कंपनी की संयुक्त टीम ने दुकान पर दबिश दी। वहां से कोरोजन कंपनी के नाम से बेची जा रही 60-60 एमएल की सात बोतलें जब्त की। कृषि विभाग के अफसरों सहित एमएमसी इंडिया प्राइवेट लिमि. के सीनियर अधिकारी हरसूद थाने पहुंचे और कॉपीराइट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई।
माह में दो बार करना होता है निरीक्षण
रबी और खरीफ सीजन की बोवनी से पहले कृषि विभाग की टीम द्वारा दुकानों से कीटनाशक दवा, बीज के सैंपल लिए जाते हैं। समय समय पर कृषि विभाग निरीक्षण करता है। इस वर्ष भी निरीक्षण कुछ माह पहले किया गया। बावजूद उपाध्याय कृषि सेवा केन्द्र पर कंपनी की टीम ने नकली कीटनाशक पकड़ी। सूत्र बताते है यहां लंबे समय से ये नकली कीटनाशक बिक रही थी।
निरीक्षक दीक्षित नहीं करते निरीक्षण, हर महीने विभाग को रिपोर्ट भी नहीं भेजते
विभाग के अनुसार निरीक्षक दीक्षित द्वारा खाद-बीज व कीटनाशक की दुकानों का निरीक्षण ही नहीं किया जाता। निरीक्षण में सैंपल लिए भी जाते हैं तो इसकी रिपोर्ट खंडवा स्थित मुख्य कार्यालय तक नहीं पहुंचती। दीक्षित के पास हरसूद सहित खालवा, बलड़ी व पंधाना का प्रभार है, जहां खाद-बीज की करीब 300 दुकानें हैं। इन क्षेत्रों के एसएडीओ भी इनकी कार्यप्रणाली से परेशान हैं। सैंपलिंग व निरीक्षण के लिए बुलाने पर भी निरीक्षक दीक्षित नहीं पहुंचते।
दो महीने में दूसरी कार्रवाई लाइसेंस निरस्त होगा, बहाल भी हो जाएगा
एक महीने पहले हरसूद क्षेत्र में ही खाद-बीज व कीटनाशक की पांच दुकानों के लाइसेंस निरस्त हुए थे। इन दुकानदारों ने किसानों को सुमितो कंपनी की जो चारामार दवा दी थी, उसके छिड़काव से किसानों की फसलें खराब हो गईं। ऐसे 100 से अधिक किसानों को कंपनी अब तक मुआवजा दे रही है। जबकि विभाग ने जिम्मेदार दुकानदारों के लाइसेंस सात दिन में ही बहाल भी कर दिए। सूत्रों की मानें तो दीक्षित पर कृषि उपसंचालक का हाथ होने से आज तक कार्यवाही नहीं हुई।
दुकानदार द्वारा कोरोजन कंपनी के नाम से नकली कीटनाशक बेचा जा रहा था। कंपनी द्वारा वहां से सात बोतलें जब्त की गई। पुलिस ने कॉपीराइट के तहत केस दर्ज किया है। दुकानदार के खिलाफ धारा 420 का केस भी दर्ज कराएंगे, लाइसेंस भी निरस्त होगा। -संतोष पाटीदार, वरिष्ठ सहायक अधिकारी, कृषि विभाग
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/fake-pesticide-was-sold-the-dabish-case-registered-under-copyright-act-127600400.html
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