नेपानगर के जंगल में पेड़ों की कटाई कर कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारी अब तीर-कमान और गोफन सहित बंदूकों से भी लैस हो गए हैं। इसका खुलासा नावरा रेंजर गुलाबसिंह बामने द्वारा पुलिस को लिखे पत्र से हुआ। इसमें उन्होंने सुरक्षा मांगने के साथ अतिक्रमणकारियों द्वारा 10 बंदूकें खरीदने की बात भी कही है। पुलिस को लिखे पत्र में रेंजर ने कहा है स्थानीय वन स्टाफ से सूचना मिली है कि वन क्षेत्र घाघरला में लगभग 50-60 अतिक्रमणकारी हैं। वो दिन-रात यहां पेड़ों की कटाई कर कब्जा कर रहे हैं। वो बंदूक, तीर-कमान, गोफन और अन्य धारदार हथियारों से लैस होकर मरने-मारने पर उतारू हैं।
15 साल चौकीदार रहे आशाराम सवजी ने बताया कैसे रखते हैं बंदूक: घाघरला में करीब 15 साल तक चौकीदार रहे आशाराम सवजी ने अतिक्रमणकारियों के बंदूक रखने की तरकीब का खुलासा किया है। उनसे हुई बातचीत का गांव के पर्यावरण प्रेमी कड़ू पाटील ने वीडियो भी बनाया। इसमें आशाराम ने बताया अतिक्रमणकारी बंदूक लबड़ी पाइप में फंसा कर पीछे से कुंदे जैसा बना लेते हैं। दूर से देखने पर यह पाइप नजर आता है। रेंजर गुलाबसिंह बामने ने कहा यहां अतिक्रमणकारी नक्सलवाद की राह पर चल रहे हैं। हमले के बाद टीम नाकाबंदी कर रही है।
ग्रामीणों पर हमले में कोई नहीं आया साथ
पिछले साल जुलाई में बदनापुर के जंगल में वन अमले और अतिक्रमणकारियों के साथ हुई झड़प के दौरान अमले ने हवाई फायर किया था। इसमें कुछ लोगों को छर्रे लगे थे। यह मामला प्रदेश स्तर तक उठा और तीन मंत्रियों ने क्षेत्र का दौरा भी किया। डीएफओ सहित अन्य अफसरों पर तबादले की गाज गिरी। ग्रामीणों ने कहा वन अमले और हम पर चार बार हमला हो चुका है लेकिन हमारे साथ कोई नहीं आ रहा है। जनप्रतिनिधि और अफसर भी खामोश बैठे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/burhanpur/news/the-encroachers-also-have-guns-including-arrows-sling-127600402.html
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