शहर के तीन प्रमुख क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी विभाग द्वारा लगाई सेंट्रल लाइटिंग लोकार्पण के तीन साल बाद भी नहीं सुधर सकी। प्रमुख चौराहा आंबेडकर चौक और जलेबी चौक के हाईमास्ट भी लंबे समय से खराबी के कारण बंद पड़े हैं। गुणवत्ता विहीन निर्माण होने के कारण नगर निगम ने अभी तक सेंट्रल लाइटिंग का हस्तांतरण नहीं किया।
जुलाई 2017 में इसका लोकार्पण सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने गणेश गोशाला के पास किया था। तब निगम ने बिजली कनेक्शन लेकर लाइट तो चालू कर दी लेकिन बार-बार सेंटर लाइटिंग बंद होने के कारण लोनिवि को सुधार के लिए तीन साल में करीब एक दर्जन पत्र लिख दिए। इसके बावजूद किसी तरह का सुधार नहीं हुआ। इधर प्रमुख सड़कों पर अंधेरा होने से शहर के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
लंबे समय से बंद पड़ी है सेंटर लाइटिंग : पड़ावा क्षेत्र के ऋषभ साध ने बताया कि जब से सेंटर लाइटिंग लगी है तब से कई बार यह बंद हो चुकी है। सुधार होने के कुछ दिन बाद ही बंद हो जाती है। अभी भी करीब 15 दिन से सड़क पर अंधेरा है। सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की तो निगम वाले बोले पीडब्ल्यूडी का काम है। इसलिए शिकायत वापस ले लो।
लोनिवि लौटा देता है शिकायत
लोग शिकायत करते हैं। हम निराकरण के लिए लोकनिर्माण विभाग को पत्र देते हैं तो वे वापस लौटा देते हैं। व्यक्तिगत रूप से भी संबंधित विभाग से संपर्क किया इसके बावजूद सुधार नहीं किया।
-भूपेंद्र सिंह बिसेन, उपयंत्री, नगर निगम
एक साल बाद भी नहीं हुआ शिकायत का निराकरण
पंधाना रोड क्षेत्र के विजय कुमार ने बताया कि कृषि उपज मंडी के सामने सेंटर लाइटिंग बंद रहने के कारण रात के समय दुर्घटनाएं हो रही हैं। एक साल पहले शिकायत की गई, आज तक निराकरण नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन पर एक बार सेंटर लाइटिंग चालू हुई थी। उसके बाद कभी नहीं जली।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/central-lighting-did-not-improve-even-after-three-years-of-launch-so-the-corporation-did-not-transfer-127603548.html
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