पूर्वी रेलवे कॉलोनी में एक जीआरपी आरक्षक के बेटे ने मोर के नवजात बच्चों को कुत्तों से बचा कर घर ले गया। जिन्हें बाद में वन विभाग की टीम ने बच्चों की मां को खोज कर मिलाया है। पूर्वी रेलवे कॉलोनी निवासी जीआरपी आरक्षक राकेश नरवरिया ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे कॉलोनी में ही बेटा आकाश नरवरिया को 2 छोटे-छोटे पक्षी के बच्चें मिले थे। जिसके पीछे कुत्ते पड़े हुए थे। इन बच्चों को वह कुत्तों से बचा कर वह घर ले आया और जब मैं घर पहुंचा तो बेटे आकाश ने इन पक्षी के बच्चों को दिखाकर उनके बारे में जानकारी दी। जिन्हें देख कर वह मोर के बच्चें होना पाए गए। जिसकी जानकारी उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को दी। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी घर पर आए और वह दोनों बच्चों को अपने साथ ले गए।
मां से बिछड़ गए थे दोनों बच्चें
जानकारी अनुसार पूर्वी रेलवे कॉलोनी में कई रेलवे के खंडहर एवं खाली बंगले एवं क्वॉटर पड़े हुए है। जिनमें से एक क्वॉटर में मोर ने अपने बच्चों को जन्म दिया था। जिनमें से 2 उसके साथ थे, वहीं 2 मां से बिछड़ गए थे । बाद में वन विभाग के द्वारा मोर से उसके 2 बच्चों को मिलाया गया।
आवाज आना बंद,मां से मिल गए बच्चें
वन विभाग के डिप्टी रेंजर हरपाल सिंह ने बताया कि बच्चें मां के बिछड़ जाने के बाद अपनी मां की तलाश में बच्चें आवाज कर रहे थे। इन बच्चों को पहले केचुओं को खुदवाकर खिलाए गए बाद में इन्हें मां से मिलाया गया। मां के मिलते ही बच्चों की आवाज आना बंद हो गई। जिससे यह अहसास हुआ कि बच्चे उसकी मां से मिल गए है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/bina/news/son-of-constable-rescues-peacocks-children-from-dogs-forest-department-mixes-mother-127593486.html
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