अयोध्या में ऐसा लगा रहा है, जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। अवधपुरी के लोगों का जीवन खुशियों से भर गया है। कार्यक्रम के दौरान ऐसा अनुभव हो रहा था, जैसे जिन पुण्य आत्माओं ने मंदिर निर्माण में अपने प्राण गँवाए वे साक्षात रूप से वहाँ उपस्थित हों।
यह बात मंदिर निर्माण कार्यक्रम में शामिल डॉ. स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी महाराज ने अयोध्या से फोन पर चर्चा के दौरान बताई। महाराज जी का कहना था कि भारत को आज मिली धार्मिक-सांस्कृतिक व स्वतंत्रता का नया सूरज अयोध्या में उदित हुआ है। अंग्रेजों की गुलामी से हम भले ही सन् 1947 में आजाद हुये हों, लेकिन सही मायनों में भारत आज स्वाधीन हुआ है। उनका कहन ा था कि मेरा सौभाग्य है कि मैं इन ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बना। स्वतंत्र भारत में महात्मा गांधी के स्वप्नों के रामराज्य का प्रारंभ भी आज हुआ है। स्वतंत्र भारत में सेक्युलर स्टेट वाली संवैधानिक बाध्यता ने अनेक विकृतियों और विषमताओं को जन्म दे दिया, परंतु अब बेड़ियाँ पिघल रही हैं और पूरा देश एक स्वर में जयश्री राम का उद््घोष कर रहा है।
अयोध्या में भगवान श्री राम की पावन जन्म भूमि पर उनके भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया का यह शुभारंभ दिवस स्वर्णिम भारत के निर्माण के संकल्प दिवस के रूप में जाना जायेगा।पी-2
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/akhileshwaranand-giri-maharaj-said-deepawali-in-ayodhya-it-seems-as-if-the-whole-heaven-has-come-down-on-the-ground-127589907.html
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