गो माता में 36 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, जिस घर में गोमाता होती है, वह घर स्वर्ग के समान माना जाता है। जिस प्रकार हम माता-पिता की वृद्धावस्था में सेवा करते हैं, उसी प्रकार हमें गो माता की भी वृद्धावस्था में सेवा करनी चाहिए। इसी तरह एक पौधा हमें दूसरों के लिए जीना सिखाता है। एक पौधा हमें ऑक्सीजन हवा और फल, छाया देता है। अंत समय में भी अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां देने के काम आता है।
खालवा ब्लॉक के ग्राम रजूर में गोशाला निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक और वन मंत्री विजय शाह ने यह बात कही। सोमवार को उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी के तहत 37 लाख रुपए की लागत से बनने वाली गोशाला के लिए भूमिपूजन किया।
वन मंत्री ने कहा क्षेत्र में वन विभाग की ओर से पौधारोपण अधिक से अधिक कराया जाएगा। नाइट विजन ड्रोन जैसे अत्याधुनिक साधनों के माध्यम से जंगलों की निगरानी होगी। जंगल काटने वाले व वन्य जीवों का शिकार करने वालो से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने रजूर में संबोधित करते हुए ग्रामीणों से अपील की कि गोवंश को घर पर रखकर ही खिलाएं-पिलाएं, उसे आवारा न छोड़ें। ग्रामीणों को अपने घरों के आसपास खाली पड़ी भूमि पर पौधारोपण कर उनकी सिंचाई व संरक्षण करना चाहिए, ताकि पौधे बड़े होकर शुद्ध हवा हमें दे और वायु प्रदूषण कम हो।
10 लाख से बनेगी वन विभाग की निरीक्षण चौकी
वन मंत्री ने इस दौरान वन विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि रजूर में वन विभाग की निरीक्षण चौकी भी स्थापित की जाए। इसके लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। गोशाला से खंडवा व आशापुर मार्ग तक पहुंचने के लिए सीसी रोड निर्माण के लिए 15 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में तेजराम यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष सेवक राम पटेल, संतोष सीटोके, श्याम सिंह किरार, संतोष सोनी, गया प्रसाद पांडे, सरपंच भागवत सिंह दरबार, अशोक वर्मा, केवलराम पटेल, संजय जैन, दिलीप सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/just-like-we-serve-parents-in-old-age-similarly-serve-the-mother-127649854.html
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