नर्मदा बेसिन के ऊपरी क्षेत्र में बारिश थमने के कारण इंदिरा सागर बांध के गेट खुलने की संभावनाएं अब कम हो गई हैं। ऐसी स्थिति 2015, 17 और 18 में भी बनी थी। पिछले साल 16 अगस्त से 8 अक्टूबर तक 54 दिन तक इंदिरा सागर बांध के गेट खोल कर पानी छोड़ा गया था। हालांकि बांध भराव की वर्तमान स्थिति काे बेहतर बताया जा रहा है। फिलहाल परियाेजना में आठाें टरबाइन चलाकर एक हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इससे 1840 क्यूमैक्स पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। बांध प्रमुख अनुराग सेठ ने बताया यहां 10 साल में दो बार ऐसा चक्र आता है जब बारिश कम होती है। अगले महीने मानसून की विदाई होने वाली है, लेकिन बांध में पानी पर्याप्त है। यदि ज्यादा पानी आता तो गेट खोलकर बहाना पड़ता, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति बनने की संभावना खत्म हो गई है। अभी फुल लोड पर बिजली बनाई जा रही है।

ओंकारेश्वर बांध
ओंकारेश्वर बांध के जीएम (सिविल) नरेश चेलानी ने बताया पिछले वर्षों में बांध की स्थिति बेहतर है। क्योंकि इस साल 196.60 मीटर तक बांध भर सकते हैं। हम इंदिरा सागर बांध पर डिपेंड है। इंदिरा सागर से छाेड़ा गया पानी ओंकारेश्वर तक दाे घंटे में पहुंच जाता है।
इंदिरा सागर बांध : इंदिरा सागर परियोजना प्रमुख अनुराग सेठ ने बताया अगस्त में बांध को 260 मीटर तक भरने की अनुमति है। हम इससे ऊपर निकल गए हैं। बांध में जल भराव की स्थिति ठीक है। भविष्य में बिजली बनाने और सिंचाई के लिए कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/gates-of-indira-sagar-dam-were-less-likely-to-open-open-for-54-days-last-year-127649816.html
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