मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर गलत जानकारी मीडिया से साझा करने के आरोपी डॉ. राजन सिंह को शनिवार को भी जमानत नहीं मिली। पुलिस जल्द ही उसके खिलाफ एक और केस दर्ज कर सकती है। पुलिस ने उसके कॉल डिटेल खंगाल लिए, लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हुआ। पुलिस फिलहाल डॉ. राजन की इनकम का पता लगा रही है।
ऐसा इसलिए क्योंकि रिवेयरा टाउनशिप में वह कैलाश लहरिया के मकान में किराए से रहता था। एएसपी क्राइम गोपाल धाकड़ के मुताबिक इसके लिए राजन हर महीने 43 हजार रुपए किराया देता थे। ये मकान उसने एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लिया था। उनके पिता इलेक्ट्रीशियन और मां गृहिणी हैं। पूछताछ में उसके किसी जाहिरा व्यवसाय का भी पुलिस को पता नहीं चला है। पुलिस का मानना है कि इतनी मोटी रकम का किराया भरने वाला व्यक्ति किसी न किसी ऐसे काम से जरूर जुड़ा होगा, जिसमें आमदनी भी अच्छी हो। हालांकि, चार दिन बाद भी पुलिस इनकम का सोर्स पता नहीं लगा पाई है। पूछताछ में राजन ने पुलिस को बताया है कि किताबें और कविताएं लिखने से उन्हें इतनी आमदनी हो जाती है। सूत्रों का कहना है कि नेशनल कांग्रेस पार्टी ने राजन के बयान पर आपत्ति ली है, जिसमें उन्होंने खुद को पार्टी का सदस्य बताया था। पुलिस जल्द ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर सकती है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/news/those-who-shared-wrong-information-against-cm-did-not-get-bail-rajan-used-to-give-rent-of-house-of-rs-43-thousand-police-is-getting-information-about-income-127576096.html
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