कोरोना के वायरल लोड को जानने के लिए किए जा रहे सीरो सर्वे में इंडियन काउंसिल फाॅर मेडिकल रिसर्च (आईलीएमआर) की टीम को स्थानीय लोगों का सहयोग नहीं मिल रहा। शुक्रवार को जबलपुर से आई आईसीएमआर की टीम स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ वार्ड-5 स्थित शील नगर पहुंची जहां कोरोना संक्रमित हेमलता का घर है। पास ही में रहने वाले एक परिवार की सदस्य ने पहले तो ब्लड सैंपल देने के लिए हामी भर दी। जब टीम ने सैंपल लेने की तैयारी पूरी कर ली तो बहाना बनाकर सैंपल देने से ही मना कर दिया। कुछ ऐसी ही स्थिति अन्य घरों की रही, जिस कारण टीम को आस-पास के घरों से सैंपल लेना पड़े। यहां बता दें कि शुक्रवार को सर्वे की शुरुआत हुई। इसमें वार्ड-5 में मोतीझील, स्टोनपार्क, सागरताल (सरकारी मल्टी) और शील नगर से 10-10 लोगों के सैंपल लिए गए। वहीं वार्ड-17 स्थित कांच मिल आनंद नगर गेट और बड़ा गेट से 10-10 जबकि आरा मिल से 20 लोगों के सैंपल लिए गए। इसके अलावा वार्ड-26 में भी लोगों के सैंपल लिए गए। शनिवार और रविवार को वार्ड-38 व 52 के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से सैंपल लेने का काम किया जाएगा। यहां बता दें कि सैंपल लेने के काम जबलपुर से आए आईसीएमआर के लैब टेक्नीशियन ही कर रहे हैं। सैंपल लेने के साथ ही टैब के माध्यम से जानकारी भी ऑनलाइन भरी जा रही है।
केस-1: पहले सैंपल देने की रजामंदी दी, फिर मना कर दिया
शीलनगर स्थित पवन प्रजापति के मकान पर आईसीएमआर की टीम सैंपल के लिए पहुंची। यहां टीम ने सर्वे की जानकारी दी और उमा को सैंपल देने के लिए कहा। पहले तो उमा तैयार हो गई। टीम ने जब सैंपल देने के लिए कहा तो अंदर चली गई। थोड़ी देर बाद आकर कहा कि अभी घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है। ससुरजी को आ जाने दीजिए। उनसे बिना पूछे सैंपल दिया तो बहुत नाराज होंगे। इतना बोलकर उमा ने सैंपल देने से मना कर दिया।
केस-2: टीम जहां खड़ी हुई, वहां पानी डाल दिया
शीलनगर में ही टीम के साथ एक और परिवार ने अभद्रता की। सैंपल लेने के लिए टीम जब जागेंद्र सिंह जादौन के घर पहुंची तो उनके परिजन चिल्लाने लगे। सदस्यों ने टीम के सदस्यों पर झल्लाते हुए बाहर जाने को कहा। इस पर टीम के सदस्य वापस बाहर आ गए। घर के एक सदस्य ने टीम के सदस्यों पर चिल्लाते हुए पूछा कि वे अंदर क्यों आए। उन्हें किसी भी प्रकार का सैंपल नहीं देना। इतना कहते ही सदस्य ने जिस जगह टीम के सदस्य खड़े हुए थे, उस स्थान को पानी डालकर धो दिया।
चेन्नई में होगी सैंपलों की जांच
ग्वालियर से कुल 400 सैंपल लिए जाएंगे। जिन्हें जांच के लिए चेन्नई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ रिसर्च इन ट्यूबरक्लोसिस सेंटर भेजा जाएगा। गौरतलब है कि सैंपल की जांच एलाइजा टेस्ट के माध्यम से आईजीजी एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच की जाएगी। एलाइजा टेस्ट को नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी, पुणे द्वारा विकसित किया गया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/female-woman-from-icmr-team-in-sheelnagar-father-in-law-is-not-at-home-yet-will-be-offended-if-given-sample-without-asking-him-127306760.html
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