लॉकडाउन के दौरान शहर के लोग घरोें में ही रहें इसलिए उनके राशन से लेकर पानी की मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति रखने में नगर निगम के 3100 कर्मचारी ड्यूटी में जुटे हैं। यह सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऑफिस स्टाफ और कंटेनमेंट एरिया मेंरहने वाले अफसर, कर्मचारियों को छोड़ दें तो बाकी कर्मचारी फील्ड
में डटे हैं। निगम आयुक्त का कहना है सफाई, सैनिटाइजेशन के अलावा आवारा मवेशियों के भोजन का इंतजाम भी कर रहे हैं। यह सब वे तब कर रहे हैं, जबकि उनका मेडिकल भी नहीं हुआ है। आयुक्त ने कर्मचारियों का जल्द ही मेडिकल करवाने का भरोसा दिलाया है।खतरा होने के बावजूद उनके बीच जाकर हौंसला बढ़ा रहे
महापौर मीना जोनवाल ने बताया चाहे कंटेनमेंट एरिया हो या शहर का अन्य स्थान सभी जगह पर निगम का अमला पूरी मुस्तैदी से जुटा है। यही कारण है कि खतरे के बावजूद उनके बीच जाकर हौंसला बढ़ा रहे हैं।
अमले को रोज मार्गदर्शन, कहा परेशानी हो तो बताएं आयुक्त ऋषि गर्ग ने बताया यह वक्त सभी के लिए मुश्किलों भरा है। ऐसे में हमें मिलकर काम करने होंगे। निगम अमले को उनके काम से जुड़े मार्गदर्शन रोज दे रहे हैं। उनसे कहा है कोई परेशानी हो तो तत्काल बताएं।
सैनिटाइजेशन : कंटेनमेंट एरिया व क्वारेंटाइन एरिया संक्रमण मुक्त
कोरोना से बचाव के लिए कंटेनमेंट व क्वारेंटाइन एरिया के साथ शहर के अन्य क्षेत्रों में एक साथ छह-छह वाहन चलाए जा रहे हैं ताकि सैनिटाइजेशन के साथ फॉगिंग भी की जा सके। इसमें लायसोल लिक्विड, सोडियम हाइपोक्लोराइड, क्रिसोलिक पावडर का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी 43 ट्रैक्टरों से पूरे शहर को सैनिटाइज करवाया था।
वेस्ट मैनेजमेंट : 90 वाहनों से शहर का 200 टन कचरा रोज उठा रहे
शहर से राेज 200 टन गीला और सूखा कचरा उठाया जा रहा है। इसके लिए 90 वाहनों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा कोरोना के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र से 50 किलो कचरा संग्रहित कर मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन अनुसार निजी एजेंसी को सौंपा जा रहा है। वह इसे इंसीनेटर कर डिस्पोज कर रही है। कंटेनमेंट एरिया से रोज दाे टन कचरा गोंदिया ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है।
डोर-टू डोर किराना: 114 दुकानों से होम डिलीवरी कर रहे सामान
निगम ने डोर-टू डोर किराना व्यवस्था शुरू की है। 54 वार्डों में फिलहाल 6 लोडर वाहनों से 6 रूट पर 6 वार्ड प्रभारी बनाए हैं। 114 दुकानें जो प्रशासन ने चिह्नित की हैं। उनसे घर का जरूरी सामान लेकर गली-मोहल्लों में घूम रहे हैं। पूर्व में निगम ने 12 वाहन अधिगृहीत किए थे लेकिन उनके 6 वाहन सब्जियां पहुंचाते थे, जो सब्जी मंडी बंद होने के साथ ही बंद हो गए।
गाय को चारा, कुत्तों को बिस्किट, बंदरों को फल
शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम पर है लेकिन वर्तमान में निगम का अमला इनके पोषण में भी लगा है। गायों को हरा चारा, कुत्तों को बिस्किट और बंदरों को फल भी खिलाए जा रहे हैं ताकि वे भूख के कारण हिंसक न हो जाए। इस काम में पशु प्रेमी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। शिप्रा तट के अलावा शहर के प्रमुख मंदिरों के आसपास सुबह बंदरोें को फल खिलाने का काम जारी है।
2275 कर्मचारी सफाई में जुटे, इसलिए शहर साफ
कोरोना के कारण पूरे शहर के रहवासी घरों में हैं। इसके बावजूद सफाई कार्य नहीं रुक रहा। 2275 सफाईकर्मी, 54 दरोगा, 54 मेट, 6 सहायक स्वास्थ्य निरीक्षक, 2 स्वास्थ्य अफसर, एक उपायुक्त के जरिए शहर में सफाई करवाई जा रही है। इसके साथ ही िजन नाले-नालियों की सफाई केवल मानसून के पहले की जाती है, वहां भी सफाई करवाई जा रही है। यही नहीं कंट्रोल रूम पर मिलने वाली हर शिकायत पर उसी दिन सफाई करवाई जा रही है।
लाॅकडाउन: अनावश्यक घूमने वालों पर जुर्माना
लॉकडाउन के दौरान अनावश्यक घूमने वालों के साथ ही कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने का काम भी निगम की टीम कर रही है। हर जोन में एक टीम सुबह 9 बजे से वे काम में लग जाती हैं। इसका नतीजा यह है कि रोज बड़ी संख्या में कार्रवाई हो रही है। अनावश्यक घूमने वालों की संख्या में भी अब धीरे-धीरे कमी आने लगी है। केवल जरूरी काम के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं।
मच्छरों के लिए वार्ड स्तर पर मशीन से फॉगिंग
मच्छरों की रोकथाम के लिए निगम की 2 मशीन काम में जुटी हैं। इनका उपयोग वार्ड स्तर पर फॉगिंग के
लिए किया जा रहा है हालांकि वर्तमान में यह मशीन सैनिटाइजेशन के लिए सैनिटाइज मशीन के साथ अटैच कर दी है। बावजूद किसी वार्ड से शिकायत आने या मच्छरों का प्रकोप ज्यादा होने पर इनका उपयोग किया जा रहा है। निगम का दावा कि सघन क्षेत्रों के साथ उन क्षेत्रों में फॅागिंग करवाई जा रही है, जहां खाली प्लाॅट ज्यादा हैं।
पांच हजार से ज्यादा घरों में गीले कचरे से होम कंपोस्ट, बना सकते हैं टैरेस गार्डन
शहर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के क्रम में नगर निगम ने गीले और सूखे कचरे का उपयोग करने का अभियान शुरू किया था। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अफसर योगेंद्र पटेल के अनुसार शहर के 5500 घरों में गीले कचरे से होम कंपोस्ट यानी खाद बनाया जा रहा है। उनके पास जगह है तो वे टेरेस गार्डन बना सकते हैं, जिससे होम कंपोस्ट का उपयोग भी किया जा सकेगा और घरों से निकले गीले कचरे को फेंकने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह सूखे कचरे में से निकले उपयोगी सामान को छांटकर उन्हें गमले का रूप दिया जा सकता है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/the-corporation-is-not-only-collecting-fine-in-lockdown-sanitizing-the-city-providing-food-to-cow-monkeys-127306753.html
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