पारिवारिक मामले कोर्ट तक न जाएं और आपसी समझ से सुलझ जाएं। इसके चलते कायस्थ समाज शहर में दो स्थानों पर केंद्र खोलेगा। यहां हर हफ्ते सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा यहां लोगों को नि:शुल्क कानूनी सलाह भी दी जाएगी। यह निर्णय अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पदाधिकारियों ने कायस्थ परिवारों को विघटन से बचाने के लिए लिया है।
महासभा के प्रदेश विधि प्रभारी धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि पिछले दिनों हुई अखिल भारतीय कायस्थ महासभा मप्र की बैठक में समाज को एकजुट रखने के लिए पारिवारिक केंद्र स्थापित करने की मांग उठी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इसकी शुरुआत ग्वालियर से कर दी गई है। इसके तहत शिंदे की छावनी और 26, शास्त्री मार्केट में दो कार्यालय बनाए गए है। इन कार्यालयों में हर हफ्ते पारिवारिक मामलों की सुनवाई होगी। जिस भी परिवार की सुनवाई यहां पर की जाएगी, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। यहां पर भाई-भाई के विवाद, पति-पत्नी के विवाद, सास-बहू के विवादों का निपटारा किया जाएगा। खासबात यह है कि परिवारों को समझाने के लिए समाज के वरिष्ठ नागरिकों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा काउंसलर्स की भी सहायता ली जाएगी। यदि कोई मामला कोर्ट में चल रहा है तो इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी। बैठक में वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महामंत्री विश्वविमोहन कुलश्रेष्ठ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश प्रभारी डॉ डीएल श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव शशिकांत भटनागर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, सह सचिव तरुण सक्सेना आदि उपस्थित थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/family-centers-will-open-in-two-places-so-that-home-fights-do-not-go-to-court-127310301.html
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