Sunday, November 24, 2019

हमारा पीने का पानी सुरक्षित है? बाउंड्रीवाल नहीं बनने से फिल्टर प्लांट में घुस जाते हैं बाहरी तत्व

पूरे शहर में सप्लाई होने वाला पानी सुरक्षित नहीं है। फिल्टर प्लांट की बाउंड्रीवाल नहीं है। ऐसे में अक्सर यहां बाहरी तत्वों को डेरा लगा रहता है। प्लांट के पानी टैंक के नीचे बाइक लगाकर घंटों बैठे रहते हैं।

फिल्टर प्लांट के चारों ओर बाउंड्रीवाल बनाने के लिए साल 2018 में ठेका दिया जा चुका है लेकिन ठेकेदार काम बहुत धीमा कर रहा है। ऐसे में फिल्टर प्लांट के प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही निर्बाध जारी है। जानकारी के अनुसार करीब 45 साल पहले बने फिल्टर प्लांट की जमीन का सीमांकन नहीं होने के कारण इसकी बाउंड्रीवाल नहीं बनी थी। साल 2015 में सीमांकन के बाद बाउंड्रीवाल बनाने का ठेका दिया है।

1972 में बना था पेयजल सप्लाई केंद्र

1972 में माचना नदी पर स्टाॅप डैम बनाकर पानी रोका गया था और यहां इंटकवेल बनाया था। इससे केवल 300 मीटर की दूरी पर फिल्टर प्लांट बनाया गया था। 47 साल बीतने के बावजूद इस जगह को कवर नहीं किया जा सका है।

शहर का पानी असुरक्षित, प्रवेश द्वार तक नहीं बना पा रहा ठेकेदार

बैतूल। फिल्टर प्लांट के प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों का आना-जाना रोकने की व्यवस्था नहीं है।

फिल्टर प्लांट के टैंक के नीचे खड़ी रहती हैं बाइकें, जमा रहते हैं लोग

फिल्टर प्लांट के वाटर टैंक के नीचे छांव होने के कारण एक दर्जन से अधिक बाहरी लोग अक्सर बैठे रहते हैं। नौजवान यहां पर समय काटने के लिए बे-रोक-टोक आते हैं। हालांकि इन्हें रोकने के लिए ही नगरपालिका ने पाइप लगाया है, लेकिन कोई भी व्यक्ति इसे आसानी हटाकर प्रतिबंधित क्षेत्र में चला आता है। रविवार दोपहर भी वाटर टैंक के ठीक नीचे बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा था।

शहर में सप्लाई के लिए रोजाना फिल्टर होता है 67 लाख ली. पानी

इस फिल्टर प्लांट से पूरे शहर में सप्लाई के लिए रोजाना 67 लाख लीटर पानी फिल्टर करके टंकियों तक पहुंचाया जाता है। इस कारण इस क्षेत्र को प्रवेश प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया है। इसके बावजूद इसके मुख्य प्रवेश स्थल पर कोई गेट ही नहीं है। केवल एक लोहे का पाइप लगाकर रास्ता बंद किया जाता है। यह पाइप भी अक्सर लोग आसानी से हटाकर भीतर घुस जाते हैं। इस जगह पर अब तक प्रवेश द्वार नहीं बनाया है।

बाउंड्रीवाल का काम रुका हुआ, प्रवेश द्वार भी नहीं बना

फिल्टर प्लांट की 17 एकड़ जमीन को सुरक्षित करने के लिए इस जमीन के चारों ओर एक किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल बनाई जानी है। लेकिन बाउंड्रीवाल का काम पूरा नहीं हो रहा है। कुछ जगह बाउंड्रीवाल बनने के बाद भी आने-जाने के लिए लोगों इसे तोड़ दिया है। इस तरह जो बनाई गई बाउंड्रीवाल कोई काम की नहीं रही।

बाउंड्रीवाल बना रहे हंै

ठेकेदार ने कुछ समय काम बंद रखा था। लेकिन बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। प्रवेश द्वार जल्द बनवाकर फिल्टर प्लांट क्षेत्र में बाहरी तत्वों का प्रवेश पूरी तरह रोका जाएगा। प्रवेश स्थल पर लगे पाइप को ठीक से लगवाकर बंद रखने की व्यवस्था बनाई जाएगी। - प्रियंका सिंह, सीएमओ, नपा



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Betul News - mp news is our drinking water safe external elements enter the filter plant due to lack of boundary wall


source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-is-our-drinking-water-safe-external-elements-enter-the-filter-plant-due-to-lack-of-boundary-wall-064141-6021921.html

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