दूध, फल, सब्जी को लाभकारी मूल्य के दायरे में लाया जाए। किसानों की कृषि उपज खरीदने की गारंटी दी जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा में हर खेत इकाई मानी जाए। किसानों की फसल गेहूं उपार्जन राशि का 4 माह से लंबित भुगतान शीघ्र करवाएं। हर किसान को 2 लाख रुपए तक कर्जमुक्त किया जाए। 2018 के फसल बीमा से वंचित किसानों को बीमा लाभ दिया जाए। 2020 की फसल चौपट हो गई है। अफलन है इसका सर्वे करवाकर उचित राहत राशि दिलवाएं। दूध का रेट 8 रुपए प्रति फेट किया जाए। सेवा सहकारी संस्थाओं की ऋण माफी सूची सार्वजनिक की जाए। किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए। रासायनिक खाद की आपूर्ति कर यूरिया की कालाबाजारी बंद की जाए। एपीएमसी एक्ट में किया गया बदलाव वापस लिया जाए।
इन मांगों के साथ राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष नारायण आंजना की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया। साथ ही मांगों का निराकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान जिला मंत्री ईश्वरसिंह डोडिया, जिला उपाध्यक्ष खड़कसिंह आंजना, संगठन मंत्री बहादुरसिंह ठाकुर, इंदौर जिला उपाध्यक्ष विक्रमसिंह प्रजापत, संदीप आंजना, शुभम भाटी, जितेंद्र सिसौदिया मौजूद थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/bring-milk-fruits-vegetables-under-the-purview-of-remunerative-prices-127643206.html
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