भाई-बहन के बंधन के बीच कोरोना वायरस दीवार बनकर खड़ा हो गया है। कई भाई-बहन इस बार रक्षाबंधन पर राखी नहीं बांध पाएंगे ना ही बहने अपने भाई के घर जा पाएंगी। हर साल विदेशों से अपने देश बहन से राखी बंधवाने आने वाले भाई 12 साल में इस बार नहीं आ पाएगा। मजबूरी ऐसी है कि 20 साल में पहली बार बहन अमेरिका में रहने वाले अपने भाई को डाक से राखी नहीं भेज पाई।
फ्लाइट बंद इसलिए डाक से नहीं भेज पाई राखी
शहर के मोजीपाड़ा में रहने वाले इंजीनियर संजय नीमा के छोटे भाई डॉ. संदीप नीमा अमेरिका में वैज्ञानिक है। वे 20 साल से वहीं है। संजय बताते हैं व्यस्तता के कारण संदीप रक्षाबंधन पर नहीं आ पाते। इसलिए बहन डाकोरजी से हर साल डाक के माध्यम से अमेरिका के मैथिल शहर में राखी भेजती आ रही है, लेकिन फ्लाइट नहीं चलने के कारण इस बार नहीं भेज पाई।
शहर के सुभार्ष मार्ग में रहने वाले एडवोकेट रमेश डोशी के पुत्र वैभव डोशी दुबई में बिजनेस करते हैं। वे 12 साल से वहीं है। चार बहनों के भाई वैभव फ्लाइट बंद होने के कारण इस बार नहीं आ पाए। उनकी दो बहनें दाहोद, एक सूरत और एक मुंबई में हैं। ये सभी एक साथ रक्षाबंधन मनाते आ रहे हैं। पिता रमेश डोशी कहते हैं इस बार रक्षाबंधन पर परिवार बेटे को बहुत मिस करेगा।
30 सालों से हिंदु भाई प्रदीप गोस्वामी को बिना चूके राखी बांध रही आयशा इस बार रक्षाबंधन पर नहीं आएगी। राणापुर के प्रताप गली निवासी प्रदीप गोस्वामी पड़ोस में रहने वाली आयशा से हर साल राखी बंधवाते हैं। शादी के बाद भी आयशा अपने ससुराल चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) से हर साल राणापुर आती है। परिवहन साधन बंद होने के कारण इस बार नहीं आ रही। प्रदीप ने बताया आयशा ने राखी और मिठाई भिजवाई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/jhabua/news/sister-could-not-send-rakhi-to-america-only-brother-of-four-sisters-will-not-be-able-to-come-from-dubai-127579975.html
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