कोरोना महामारी के बीच लाॅकडाउन के चलते लोग काफी दूरी पैदल तय कर लौट रहे हैं। उनमें एक खरगोन का एक परिवार भी है, जो अपने बच्चे के साथ भुसावल से पैदल लौटा। बस स्टैंड पर वह परिवार के साथ सुस्ताने के लिए बैठा। यहां के रमेश आचार्य ने उनका परिचय लिया। उन्होंने अनस पिता सैफुल्ला खान (24) निवासी खरगोन बताया। अनस का कहना था वे पत्नी यास्मिन व 1 साल के बेटे के साथ भुसावल में रोड निर्माण के काम के लिए गए थे। रेल की पटरी के किनारे चलकर असीरगढ़ व निंबोला तक पहुंचे। सड़क मार्ग से देशगांव होकर यहां से खरगोन की ओर चल पड़े। परिवार की जांच कराकर वाहन से छुड़वाया।
लातूर से आए 40 मजदूरों को किया क्वारंटाइन

झिरन्या मेंमहाराष्ट्र के लातूर से सोमवार सुबह आए 40 मजदूरों को यहां की स्कूलों में क्वारंटाइन किया गया है। महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश की पाल बॉर्डर से मजदूरों को यहां लाया गया है। एसआई सुरेश शर्मा उन्हें मंडी प्रांगण लेकर पहुंचे। चौकी प्रभारी सुरेशचंद शर्मा ने बताया कि पाल बॉर्डर से लाकर जनपद सीईओ महेंद्र श्रीवास्तव के सुपुर्द किए गए। जनपद सीईओ ने बताया कि जिस क्षेत्र के मजदूर है उन्हीं के गांवों की स्कूल में उन्हें क्वारंटाइन किया गया है। उन्हें 14 दिनों तक रखा जाएगा। खाने-पीने की सारी व्यवस्थाएं कर दी गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/bhikangaon/news/khargone-people-from-bhusawal-walking-on-the-side-of-the-train-127270954.html
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