Sunday, May 17, 2020

गाजियाबाद से सीधे गांव पहुंचा था युवक, ग्रामीणों ने घुसने नहीं दिया, बोले- पहले जांच करवाओ... पॉजिटिव निकला

गाजियाबाद से लौटे कोरोना पॉजिटिव युवक ने भले ही अस्पताल के डॉक्टरों को सीधे जांच के लिए आने की बात कही हो, लेकिन कहानी कुछ और ही है। युवक अपने परिवार के साथ टीबी अस्पताल आने से पहले राहतगढ़ ब्लॉक के सेवारा-सेवारी पंचायत स्थित कानौनी गांव पहुंचा था। कोई देख न ले इसलिए वह सड़क छोड़कर खेतों के रास्ते घर जा रहा था, लेकिन इस गांव के जागरूक ग्रामीणों ने उसे देख लिया और गांव में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश से पहले युवक के सामने टीबी अस्पताल से निगेटिव जांच रिपोर्ट लाने की शर्त रखी और इसके बाद ही प्रवेश देने की बात कही। जिसके बाद युवक अपने परिवार के साथ पहले टीबी अस्पताल पहुंचा, जहां वह कोरोना पॉजिटिव मिला। लेकिन ग्रामीणों की समझदारी और जागरूकता के चलते पूरा गांव संक्रमित होने से बच गया।

ग्रामीणों ने गांव से 500 मीटर दूर बनाया है क्वारेंटाइन सेंटर, जहां रातभर रूका था परिवार
सेवारा-सेवारी पंचायत के सचिव हर्षजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीणों ने कोरोना से बचाव के लिए वन विभाग की नर्सरी में एक कमरा और सामुदायिक भवन के कमरों में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैं, जहां बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को क्वारेंटाइन किया जा रहा है। 15 मई शाम 5 बजे कोरोना पॉजिटिव युवक अपने परिवार के 5 अन्य लोगों के साथ गांव जाने के िलए फोरलेन स्थित मैहर गांव में उतरा था। इसके बाद वह पैदल घर जाने लगा। लेकिन ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने उसे गांव में प्रवेश से पहले ही खेतों में रोक दिया। रात होने के कारण युवक और उसके परिवार को गांव के लोगों ने वन विभाग की नर्सरी के एक कमरे में क्वारेंटाइन कर दिया था और जैसे ही सुबह हुई तो उन्हें टीबी अस्पताल भेजा गया। सचिव ने बताया कि इससे पहले भी गांव में बाहर से जो भी मजदूर आए हैं उन्हें भी इसी तरह जांच के लिए भेजा गया है। गांव में सामुदायिक भवन भी बाहर होने के कारण इसे क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में आरक्षित रखा है। अब भले ही युवक पॉजिटिव निकला हो, लेकिन गांव संक्रमण से सुरक्षित है।

पॉजिटिव ने डॉक्टरों को नहींबताई गांव जाने की बात
18 वर्षीय युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसने डॉक्टरों को बताया कि वह गाजियाबाद-दिल्ली रोड के एक टोल नाके पर काम करता था, जहां से वह बस और ट्रक के सहारे सीधे सागर पहुंचा है। युवक ने डॉक्टरों को गांव की कहानी नहीं बताई। बल्कि उल्टा यह कहा कि वह सीधे टीबी अस्पताल ही आया है। पॉजिटिव युवक के घर में उसके बुजुर्ग माता-पिता और भाई भी हैं। लेकिन ग्रामीणों की जागरूकता के चलते वह उनसे भी नहीं मिल सका और अब पॉजिटिव आने के बाद भी परिवार के तीनों सदस्य बिल्कुल सुरक्षित हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/the-youth-had-reached-the-village-directly-from-ghaziabad-the-villagers-did-not-allow-them-to-enter-said-first-check-get-positive-127313028.html

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