Saturday, May 16, 2020

अमेरिका के विशेषज्ञ बोले- कोविड के उपचार में उपयोगी हो सकता है आयुर्वेद

जीवाजी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित कोविड-19 आउटब्रेक वेबिनार के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने कहा है कि कोरोना से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होना चाहिए और इसके लिए आयुर्वेद में कई औषधियां है जिनमें से कुछ को भारतीय रोजमर्रा के खान-पान में भी उपयोग करते हैं। शनिवार को आयोजित सत्र में अमेरिका के डॉ. एडुवर्डों शामिल हुए जबकि लंदन के डॉ. वेंकट एन जोशी शामिल हुए। जेयू प्रबंधन ने तय किया है कि वेबिनार में विशेषज्ञों की राय और सवाल-जवाबों की एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे छात्रों के अध्ययन के लिए रखा जाएगा और राज्य सरकार को भी भेजा जाएगा।
अमेरिका के डॉ. एडवर्डों ने कहा कि कोरोना या कोविड- 19 बीमारी का असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। अकेले अमेरिका की बात करें तो यहां नाटकीय रूप से संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हुई। इस बीमारी के कारण अमेरिका के सभी राज्य प्रभावित हुए हैं। कोविड- 19 के प्रभाव के कारण अमेरिका में लोग तनाव ग्रस्त भी हो रहे हैं। आयुर्वेदिक दवाओं की बात करें तो वे कोविड-19 के उपचार में फायदेमंद हो सकती हैं। आयुर्वेद की भूमिका को ऐसे में नकारा नहीं जा सकता। आयुर्वेदिक निवारक और उसकी उपचार क्षमता कोविड 19 की चिकित्सा पद्धति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भविष्य में आयुर्वेद पर बेहतर काम करने के लिए भी वैश्विक स्तर पर रणनीति तैयार की जा रही है। वेबिनार में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. जीबीकेएस प्रसाद, प्रो. नलिनी श्रीवास्तव, डाॅ. केशव सिंह गुर्जर, डाॅ. साधना श्रीवास्तव, डाॅ केके सिजोरिया और दीपा यादव आदि लोग मौजूद रहे।

आज ये विशेषज्ञ होंगे शामिल समय- सुबह 11 बजे से
डाॅ. एमके साहिब औरंगाबाद, डाॅ. पी सथिया राजेश्वरम चेन्नई, डाॅ. अपरूप दास, डायरेक्टर आईसीएमआर- एनआईआरटीएच जबलपुर, डाॅ. प्रदेप बर्डे आईसीएमआर- एनआईआरटीएच जबलपुर, डाॅ. रकील पुर्तगाल, डाॅ. सेंड्रा स्पेन और प्रो. संगीता शुक्ला कुलपति, जेयू।

वैश्विक उपयोग जरूरी: कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि आयुर्वेदिक दवाएं कई गुणों से भरपूर होती हैं। ऐसे प्रयास करने चाहिए कि इन दवाओं का उपयोग वैश्विक स्तर पर हो। ऐसे पौधों पर कार्य करने की जरूरत है, जिनमें रोगों से लड़ने के तत्व मौजूद होते हैं।

वेबिनार में सवाल-जवाब
प्रो. संगीता शुक्ला कुलपति जेयू- अमेरिका में भारत की तुलना में जनसंख्या कम है, फिर वहां कोविद 19 कैसे फैल गया?
डाॅ. एडुवार्डो ने उत्तर दिया- अमेरिका की लाइफ स्टाइल काफी अलग है। वहां लोग जंक फूड का सेवन ज्यादा करते हैं। वे लोग योग आदि पर भी उतना फोकस नहीं करते।
डाॅ. धीरज कुमार - मार्केट में बहुत सी ऐलोपैथिक प्रोबायोटिक पहले से मौजूद हैं। ऐसे में आयुर्वेद के अनुसार किन चीजों को हम प्राबायोटिक के तौर पर यूज कर सकते हैं।
डाॅ. वेंकट जोशी ने उत्तर दिया- भारतीय दही, जीरा, काली मिर्च और शहद का इस्तेमाल नेचुरल प्रोबायोटिक के तौर पर किया जा सकता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है आयुर्वेद
- डाॅ. वेंकट एन जोशी, लंदन के मुताबिक, आयुर्वेदिक दवाओं के जरिए बाॅडी की इम्युनिटी पावर को बढ़ाने के साथ कई बीमारियों का इलाज भी आसानी से किया जा सकता है। कलोंजी, पीप्पली, निशा मलाकी, नीबू का रस, बकरी का दूध इम्युनिटी बूस्टर का काम करते हैं। इसके साथ ही हींग, अदरक, काली मिर्च, हल्दी और धनिया को भी दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इनके सेवन से पेट में मौजूद शरीर के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया को मजबूत करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा वुड एपल, ग्रासिया फ्रूट, मैपल, अगेव, पपीते के बीज, कद्दू के बीज रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ कई बीमारियों के इलाज में भी फायदेमंद हैं।

व्यायाम को दैनिक जीवन में शामिल करने की जरूरत
- डाॅ. जीएस तोमर, प्रेसिडेंट विश्व आयुर्वेद मिशन के मुताबिक, आयुर्वेद हमारी प्राचीन पद्धति है। इसमें हर प्रकार के रोगों से लड़ने के बारे में आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक्स के संबंध में बताया गया है। मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के कई उपाय आयुर्वेद में दिए गए हैं। कोरोना से लड़ाई के लिए आयुर्वेद के ज्ञान को समग्र करने की जरूरत है। कोविड-19 के कारण लोग अनिद्रा डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में व्यायाम को दैनिक जीवन में शामिल करने की जरूरत है साथ ही ब्राह्मी, मुलेठी और शंखपुष्पी का सेवन काफी लाभदायक होगा। सबसे ज्यादा फोकस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर करना चाहिए। सरकार ने भी इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर अश्वगंधा, गुड़ुची, तुलसी, छोटी पीपल और मुलेठी को प्रमाणित किया है।
कोविड-19 में इम्यून बेस्ड थैरेपी काफी मददगार है
- डाॅ. साधना संवत्सरकर, इंदौर के मुताबिक, ऑक्सीजन थैरेपी और फ्ल्यूड थैरेपी के माध्यम से कोविड-19 का उपचार करने में मदद मिलती है। कोरोना के क्रिटिकल केस में श्वसन तंत्र फैल हो जाता है, जिसमें मैकेनिकल वेंटिलेटर का इस्तेमाल करके मरीज को बचाया जा सकता है। कोविड-19 मरीज की ईसीजी, सीएक्सआर, सीरम, कंपलीट ब्लड काउंट आदि की जांच भी जरूरी है। कोरोना से पीड़ित मरीज की मॉनिटरिंग जरूरी है। इसके साथ ही कोविड-19 के मरीज के उठने, बैठने, सोने पर भी ध्यान देना चाहिए। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज के इलाज में इम्यून बेस्ड थैरेपी काफी मददगार है। इम्युनिटी पावर अच्छी होने पर कोरोना के संक्रमण का खतरा कम रहता है।



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US experts said - Ayurveda can be useful in the treatment of Kovid


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/us-experts-said-ayurveda-can-be-useful-in-the-treatment-of-kovid-127310316.html

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