Sunday, May 24, 2020

बड़ी सख्ती: अब शाम 7 बजे बाद सड़कें सूनीं; पहले ऐसी सख्ती होती तो आज आंकड़े कुछ और होते

शहर में शाम 7 से सुबह 7 बजे तक का जो कर्फ्यू लागू किया गया है, वह काफी सख्त नजर आ रहा है, क्योंकि इस दौरान बड़े चौराहों पर कड़ी चेकिंग हो रही है। कई चौराहों से तो आवाजाही ही बंद कर दी गई है। दिनभर अनाउंसमेंट हो रहा है कि जो लोग शहर में आ जा रहे हैं, वे शाम 7 के पहले लौट आएं। यह सख्ती दो दिन से देखने को मिल रही है। यदि ऐसी सख्ती शुरू के 60 दिन में होती तो शहर की तस्वीर कुछ और होती, लेकिन कोई सब्जी लेने निकला तो किसी ने दवा का बहाना बनाया। अधिकांश मामलों में शहर के लोग ऐसे ही संक्रमित हुए।

चंदन नगर चौराहा भी पूरा बंद
यहां दिनभर पुलिसकर्मी अनाउंसमेंट कर रहे थे कि जो लोग शहर जा रहे हैं, वे 7 बजे के पहले लौट आएं, वरना सारे रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। सीएसपी पुनीत गेहलोत के अनुसार पहले एक तरफ का रास्ता बंद रहता था, अब दोनों बंद कर रहे हैं। बिना पास धारक का निकलना मना है। पास वालों की भी चेकिंग हो रही थी। अब कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा।

चेकिंग कर रहे थे टीआई

भंवरकुआं चौराहे पर टीआई विजय सिसोदिया टीम के साथ चौराहे पर तैनात थे। चारों तरफ रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर वाहन चालकों से पूछताछ और बिला वजह जाने वालों को वापस लौटाया जा रहा था।

रीगल पर सन्नाटा

दिनभर वाहनों की आवाजाही वाले रीगल तिराहे पर सन्नाटा पसरा था। लॉकडाउन में भी खाली नहीं रहने वाला शास्त्री ब्रिज सुनसान दिखा। व्हाइट चर्च चौराहे पर सीएसपी पूर्ति तिवारी की टीम थी। वाहन चालकों को वापस किया जा रहा था।

पलासिया चौराहा : रास्ता बंद, वाहन चालकों को लौटाया

पलासिया चौराहे पर टीआई विनोद दीक्षित ने व्यवस्था संभाल रखी थी। थाने के पास से जाने वाले वाहन चालकों को लौटाया जा रहा था। टीआई ने कहा कि शाम 7 बजे तक ही छूट है। इस रास्ते से नहीं जा सकते। एलआईजी चौराहे पर एमआईजी टीआई इंद्रेश त्रिपाठी और एसआई नितिन पटेल ने रास्ते बंद कर चेकिंग की।

टीआई खुद करेंगे एफआईआर

उधर, अफसरों ने आदेश दिया है कि यदि रात की चेकिंग में कोई भी वाहन चालक गाड़ी नहीं रोके तो उसके खिलाफ टीआई खुद एफआईआर करेंगे।



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पलासिया चौराहे पर टीआई विनोद दीक्षित ने व्यवस्था संभाल रखी थी।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/great-strictness-now-after-7-oclock-in-the-evening-the-roads-are-heard-earlier-such-strictures-would-have-been-different-today-127337673.html

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