जयपुर के कैंसर हॉस्पिटल में वार्ड बॉय दो युवक कोरोना के कारण अस्पताल बंद होने से वहीं पर फंस गए थे। लगातार प्रयास करने के बाद भी प्रशासन से इन्हें मदद नहीं मिली तो दोनों युवक घर के लिए पैदल निकल गए। जो 600 किमी का सफर सात दिन में तय कर मनासा पहुंचे।
मनासा तहसील के पड़दा निवासी जीशान व मंदसौर जिले के भानपुरा निवासी हैदर अली जयपुर के निजी अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी में है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल को अधिगृहीत कर लिया। लॉकडाउन में दोनों युवक जयपुर में फंस गए। जीशान ने बताया कि जो वेतन मिला था वह डेढ़ महीने में भोजन में ही खर्च हो गया। कुछ राशि बची थी जो रास्ते में खर्च हो गई। युवकों ने बताया कि जयपुर प्रशासन को ऑनलाइन अनुमति के लिए आवेदन किया। लेकिन हर बार निरस्त कर दिया है। इस कारण दोनों ने पैदल ही सफर पूरा करने का निर्णय लिया। 7 मई को जयपुर से रवाना हुए। रातभर पैदल चलते और दोपहर 12 बजे बाद कहीं छांव देखकर आराम कर लेते और शाम को फिर रवाना हो जाते। रास्ते में कहीं पर सामाजिक संगठनों या समाजसेवी लोगों ने भोजन की व्यवस्था की। कुछ लोगों ने बिस्किट व नाश्ता उपलब्ध कराया। इस तरह एक सप्ताह में सफर पूरा करके मनासा पहुंच गए। रास्ते में कई जगह पर स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मनासा पहुंचने पर अल्हेड़ फंटे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग की।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/neemuch/news/the-young-man-reached-manasa-on-foot-from-jaipur-in-7-days-127310330.html
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