(राहुल दुबे).माणिकबाग में गैरेज संचालक का परिवार। परिवार के चार सदस्य संक्रमित। पति पहली मंजिल पर भर्ती था तो पत्नी दूसरी मंजिल पर इलाज करवा रही थीं। तीन दिन पहले पत्नी ने स्टाफ से पूछा कि शौहर कैसे हैं। उनको शुगर भी है। स्टाफ ने भारी मन से बताया कि उनका इंतकाल हो गया। पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल में ही भर्ती भाइयों तक मैसेज पहुंंचाया। लाचारी, बेबसी देखिए कि पूरा परिवार आखिरी बार भी दिवंगत को ठीक से देख नहीं पाया। पत्नी को बमुश्किल एक मिनट के लिए पति का चेहरा दिखाया गया। इस बड़ी लाचारी यह कि घर पर कोई रोने वाला भी नहीं है। पत्नी, भाई भर्ती हैं। बच्चे अकेले हैं। उन्हें भी प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग ने क्वारेंटाइन कर रखा है। दोस्त, रिश्तेदार उन्हें ढाढस, हिम्मत भी मिलकर नहीं जता पा रहे। फोन पर ही गम दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इंतकाल की खबर भाइयों को लगी तो उन्हें मजबूरी में अस्पताल जाना पड़ा। वहां से भाई के शव के साथ कब्रिस्तान पहुंचे। सुपुर्दे खाक किया। फिर खुद भी अस्पताल में भर्ती हो गए। माणिकबाग निवासी मोहम्मद के इस परिवार को बाहर से लाॅकडाउन किया गया है। अन्य परिजन को होम क्वारेंटाइन कर रखा हैं। हालांकि दिवंगत को शुगर व अन्य बीमारी पहले से होने की जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग को लगी है। पत्नी की हालत पहले से अच्छी बनी हुई है। पति के एेसे चले जाने पर वह खूब रोती हैं तो अस्पताल का स्टाफ उन्हें सहानुभूति देता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/death-of-husband-wife-admitted-herself-husbands-face-last-minute-1-minute-127290074.html
No comments:
Post a Comment