विश्वनाथ सिंह,लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी में शनिवार से काम शुरू हो गया। 81 किसानों ने एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन करवाया था, लेकिन कोरोना संक्रमण और भाव कम मिलने की आशंका में 50 किसान मंडी पहुंचे ही नहीं। 31 किसानाें के 4500 कट्टे (अनुमानित 2500 क्विंटल) का व्यापार हो सका। पहले ही दिन किसानों के साथ आढ़तियों की भीड़ लग गई। लोगों ने मास्क तो लगा रखे थे, लेकिन एक-दूसरे से दूरी नहीं रखी। कुछ लोग मास्क के बिना ही परिसर में घूम रहे थे। कुछ ने मास्क के बजाए रूमाल बांध रखा था, लेकिन वह भी नाक की बजाय मुंह पर बंधा था। नीलामी में सबसे कम भाव तीन रुपए तो सबसे ज्यादा भाव सात रुपए किलो का रहा। किसानों का कहना था इतने कम भाव में तो लागत भी नहीं निकलेगी। 12 से 18 रुपए किलो में तो पिछले दिनों उन्होंने खेत से ही प्याज बेच दिया था। रविवार को भी मंडी चालू रहेगी। सोमवार को ईद के कारण अवकाश रहेगा।
गेट पर ही किसानों को किया सैनिटाइज
किसानों का आना सुबह साढ़े 6 बजे से ही शुरू हो गया था। मंडी के गेट पर ही किसानों को सैनिटाइज किया जा रहा था। सुबह 10 बजे से मंडी परिसर में नीलामी शुरू हुई। प्याज की औसतन बोली 3 से 4 रुपए प्रति किलो लगाई गई। सबसे ज्यादा भाव 7 रुपए किलो में पेडमी गांव के किसान दिनेश पिता बंसीधर ने पुरुषोत्तमदास नारायणदास ट्रेडर्स को माल बेचा। उन्होंने इस भाव में 59 कट्टे (3245 किलो) बेचे। मंडी प्रभारी रमेश परमार ने बताया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए नीलामी वाले aस्थानों पर गोले बनाए जाएंगे, ताकि आढ़तिए उन गोलों के अंदर खड़े रहें और उसके बीच में किसान सैंपल का माल रखकर उसे बेच सके। भारतीय किसान व मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा किसानों में अभी कोरोना का डर है। यही कारण है कि काफी कम किसान मंडी पहुंचे। उन्होंने कहा पहले दिन भाव 10 रुपए किलो तक भी नहीं पहुंच पाए। सरकार को प्याज का बेस रेट निर्धारित करना चाहिए।
व्यापार के नए तौर-तरीके सीखना होंगे
इंदौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया सौदा पत्रक के साथ मोबाइल पर अनाज के सैंपल के फोटो बुलवाकर व्यापार करने का यह नया अनुभव है। कोरोना संक्रमण के चलते व्यापारियों को इसका अभ्यास करना होगा। श्री इंदौर कृषि उपज व्यापारी संघ लक्ष्मीबाई नगर मंडी के अध्यक्ष नारायण गर्ग ने बताया मंडी में प्याज की तरह ही अनाज की नीलामी भी शुरू करना चाहिए।
छावनी मंडी; 30 फीसदी व्यापारी पहुंचे, 1700 से 1900 रु. क्विंटल में बिका गेहूं
छावनी अनाज मंडी में शनिवार से गेहूं का व्यापार शुरू हुआ। गेहूं 1700 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बिके। लॉकडाउन के ठीक पहले जब मंडी में व्यापार हुआ था तब गेहूं ऊपर में 1925 रुपए प्रति क्विंटल बिक गया था। सौदा पत्रक के साथ किसानों से वाट्सएप पर गेहूं के फोटो बुलवाकर व्यापारियों ने व्यापार शुरू किया। पहले दिन 30 प्रतिशत व्यापारी ही पहुंचे। सुबह 11 बजे से शुरू हुई मंडी में दिनभर में 2500 बोरी की आवक हुई। व्यापारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ऑफिस से ही व्यापार किया। मंडी में छावनी तरफ वाले गेट को बंद कर दिया था। लोहा मंडी रोड की तरफ वाले गेट को ही खोला गया और इसी गेट से व्यापारियों के साथ अनाज की गाड़ियों को अंदर आने की अनुमति मिली।
आलू, लहसुन बेचने की भी अनुमति मांगी
कलेक्टर द्वारा प्याज बेचे जाने की अनुमति दिए जाने के बाद अब किसानों ने आलू और लहसुन बेचने की भी अनुमति मांगी है। किसान सेना ने कलेक्टर से मांग की है कि किसानों के पास काफी मात्रा में आलू और लहसुन भी रखा है। लाॅकडाउन की वजह से यह बिक नहीं पाया। किसानों के गोदाम, घर, खेत में यह रखा हुआ है। बारिश होने पर खराब हो सकता है।
सियागंज में बगैर मंजूरी चल रही दुकानों को प्रशासन ने किया सील
जिला प्रशासन ने नगर निगम व खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ शनिवार को सियागंज में छापे मारे। यहां पर कई दुकानें बिना मंजूरी के संचालित हो रही थीं। कई दुकानदार छापे की खबर मिलने के बाद मौके से भाग गए। एडीएम बीबीएस तोमर ने बताया टीम ने अंबिका ट्रेडर्स के साथ अशोक कुमार सेठी की दुकान और सतनाम ट्रेडर्स को बिना सक्षम मंजूरी के रिटेल कारोबार करते पाया, इन्हें सील कर दिया है और नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/after-markets-start-opening-mandis-wheat-onion-sales-start-in-mandis-127334305.html
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