जाेगा गांव से बुधवार की शाम जिले की सीमा में आया टिड्डी दल गुरुवार काे दूसरे दिन भी विभिन्न गांवाें में घूमता देखा गया। टिड्डी दल के आने की खबर पूरे जिले में फैल गई है। इस कारण गुरुवार रात से ही किसान भी परिजनों के साथ थाली, बाल्टी ड्रम, डीजी व आवाज करने के अन्य साधन लेकर खेताें में निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार काे गांवाें में पहुंचे कलेक्टर, एसपी, एडीएम, एसडीएम के वाहनों पर लगे हूटर से कुछ गांवाें से टिड्डी दल काे भगाया गया। धुएं से भी वे तेजी से भाग रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक व कृषि अधिकारी किसानों काे समझाइश देकर उपाय बता रहे हैं। ड्राेन से भी निगरानी रखी जा रही है। अभी किसी गांव से नुकसान की काेई खबर नहीं है।
टिड्डी दल का मूमेंट व उनकी मौजूदगी देखने गुरुवार काे प्रशासनिक अमला गांव व खेताें में किसानों के बीच पहुंचा। उन्हें समझाइश देकर बचाव के उपाय बताए। इस बीच जहां से भी सूचना मिली, टीम वहां पहुंची। रात में किसी भी गांव से सूचना मिलने पर फायर गाड़ी से स्प्रे किया जाएगा। डीडीए एमपीएस चंद्रावत बताते हैं कि स्प्रे का रेसीडयूअल पीरियड 22 दिन हाेता है। इस अवधि में जिन्होंने स्प्रे किया है, वहां बैठने पर टिड्डी मर जाती हैं।
प्रशासनिक अमला पहुंचा खेताें में
गुरुवार सुबह 10 बजे कलेक्टर अनुराग वर्मा, एसपी मनीष अग्रवाल व राजस्व अमला हंडिया तहसील के गांवाें में टीम व किसानों के बीच पहुंचा। यहां सरकारी वाहनों के हूटर बजाकर टिड्डी दल काे भगाया गया। कलेक्टर ने दल के संचालन व नियंत्रण की डीडीए से जानकारी ली। उनका मूमेंट देखा। किसानों काे धुआं करने व तेज आवाज में साउंड करने की समझाइश दी। टीम ने किसानों से कहा कि सचेत रहने की जरूरत है, चिंता की काेई बात नहीं है। मूमेंट दिखे ताे टीम काे बताएं।
नुकसान की सूचना नहीं, टीम व किसान सचेत हैं
कलेक्टर अनुराग वर्मा ने बताया कि दिनभर टीम व किसानों के बीच गांवाें व खेताें में मूमेंट देखा। मैदानी अमला व किसान संयुक्त रुप से लगे हैं। अभी काेई नुकसान की सूचना नहीं है। किसानों काे सचेत रहते हुए बचाव के उपाय बताए हैं।
गुरुवार काे कहां-कहां रहा टिड्डियों का मूमेंट
टिड्डी दल बुधवार शाम 5 बजे हंडिया के जाेगा में देखा गया। वनक्षेत्र के बीच खाई में रात रुका। गुरुवार काे उसे कांकडदा, जामुनवाली, साल्याखेड़ी, चीराखान, उवां, साेनतलाई, जामली, पाचातलाई में देखा गया। एक छाेटा दल फ़तेहगढ़, देवास से भी आया है। कृषि विभाग की मानें ताे गुरुवार सुबह दल 2-3 भागाें में बंट गया है। एक दल जाेगा के रास्ते ही वापस देवास की ओर गया है। जिले में करीब 40 प्रतिशत टिड्डी बची हैं। जिनकी निगरानी रखते हुए भगाने में टीम लगी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/locust-team-attacked-in-8-villages-farmers-used-plate-drum-to-drive-away-collector-sp-played-vehicle-hooters-127327636.html
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