Friday, May 8, 2020

बिजली कंपनी ने 20% ज्यादा महसूस की गर्मी, मीटर में दर्ज यूनिट से पार हुआ बिल

लॉकडाउन में बिजली कंपनी के अफसर 20 फीसदी ज्यादा गर्मी महसूस कर रहे हैं। अप्रैल माह का बिल बिना रीडिंग लिए बढ़ाकर उपभोक्ताओं को भेजा गया है। कई उपभोक्ताओं को मीटर में दर्ज यूनिट से ज्यादा दर्ज कर हजारों में बिल थमा दिए। लॉकडाउन में राशन व जरूरत के सामान से जूझ रहे मध्यमवर्गीय परिवार तिलमिला उठे हैं।
औसत 100-150 रुपए बिल चुका रहे घरेलू उपभोक्ताओं को 3-4 हजार रुपए तक के बिल दे दिए गए हैं। कुछ शिकायत लेकर पहुंचे भी हैं, लेकिन अफसरों ने संशोधन में मनमानी कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है बिजली कंपनी अफसरों की मनमानी की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हजारों में बिल देकर मामूली कमी की। कोरोना महामारी के लाॅकडाउन में दो माह से बिजली मीटरों की रीडिंग नहीं ली जा रही है। लोगों को मोबाइल पर ऑनलाइन बिल दिए हैं। लोग शिकायत करने पहुंचे तो अफसरों ने कार्यालय का गेट लगवा दिया है। उस पर लिखा है कि बिल काउंटर पर ही जमा करें।
11 हजार से ज्यादा व्यवसायिक कनेक्शन भी
कार्यपालन यंत्री श्रीकांत बारस्कर के मुताबिक जिले में कमर्शियल बिजली कनेक्शन की संख्या करीब 11 व शहर में 6 हजार कमर्शियल कनेक्शन हैं। यहां लगभग बिजली का उपयोग बंद हो गया है। क्योंकि 80 प्रतिशत दुकानें व कारखाने, फैक्ट्री बंद हैं। कई लोगों ने कनेक्शन कटवा लिया है।

लापरवाहीबिजली की रीडिंग जरूरी सेवा में शामिल नहीं है
बिजली कंपनी अफसरों ने लॉकडाउन व कर्फ्यू अवधि में बिजली व्यवस्था को जरूरी सेवा में शामिल किया है, लेकिन मीटर रीडिंग की अनदेखी की। मैंटेनेंस के नाम पर शहर के विभिन्न हिस्सों में कामकाज किया गया, लेकिन सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ी रीडिंग के मामले में सुस्ती बरती। उपभोक्ताओं के आरोप है लॉकडाउन में सख्ती बरती जा रही है। बीमारी का डर है। उसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी बिजली रीडिंग को गंभीरता से नहीं लिया।

3.34 लाख घरेलू कनेक्शन से
घरेलू बिजली कनेक्शन की संख्या 3.34 लाख है। जबकि खरगोन शहर में 38 हजार उपभोक्ता है। औसत रोजाना घरेलू बिजली की खपत 3.75 लाख यूनिट है। यह अब बढ़कर करीब 4 लाख यूनिट हो चुकी है। जिलेभर में करीब 18 करोड़ रु. व शहर में 5 करोड़ रु. जमा होते हैं।

20 प्रतिशत ज्यादा का है बिल
पिछले माह औसत बिल दिया था। इस माह औसत से 20 प्रतिशत बढ़ाकर दिया है। यदि इसमें कोई गड़बड़ी लग रही हो तो उपभोक्ता बिजली मीटर की फोटो खींचकर लाए। संशोधन भी हो सकता है। -श्रीकांत बारस्कर कार्यपालन यंत्री, पक्षेविविकं खरगोन

शिकायतों की फेहरिस्त रीडिंग से 136 यूनिट ज्यादा का दिया बिल
बिस्टान नाका क्षेत्र की मनोरमा मुरलीधर चंदात्रे ने बताया 20 अप्रैल को रीडिंग 19670 थी। 4 मई को 19507 है। जो गलत है। मीटर में रीडिंग में दर्ज आंकड़े से 163 यूनिट ज्यादा का बिल दे दिया गया। मार्च में 137 रुपए बिल आया था। अभी बिल 3598 रुपए भेज दिया गया। ऑनलाईन शिकायत की है।
आशीर्वाद कॉलोनी के उपभोक्ता अरविंद जगन्नाथ जाधव ने आरोप लगाया उनका 4343 का बिल दिया। यहां शिकायत करने पर बिल में मामूली सुधार किया।
ब्राम्हणपुरी क्षेत्र के बाबूलाल भीकासा 1150, राधाकृष्ण महाजन 1421, अशोक रघुवंशी 2600, यशवंतराव बंदुके 1625 रुपए का बिल मिला है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने मोबाइल पर बिल दिए। इसके बाद कार्यालय में कम्प्यूटर से प्रिंट निकालकर दिए। इसमें कोई रीडिंग का उल्लेख नहीं है।




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Electricity company feels 20% more heat, bill exceeded unit recorded in meters


source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/khargone/news/electricity-company-feels-20-more-heat-bill-exceeded-unit-recorded-in-meters-127283892.html

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