Tuesday, March 17, 2020

संत के चरणों में बैठकर मन के भाव को शुद्ध करना चाहिए : आचार्य पुरुषोत्तम


आरोन|गोविंदपुर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन मंगलवार को हुआ। कथा में आचार्य पुरुषोत्तम ने कहा कि संत के चरणों में बैठकर मन के भाव को शुद्ध करना चाहिए। जिस प्रकार बिजली के तारों में बिजली दिखाई नहीं देती उसी प्रकार श्रीमन् नारायण कण-कण में व्याप्त है मगर उनको देखने के लिए दिव्य चक्षु की जरूरत है। कथा के सातवें कथा व्यास आचार्य पुरुषोत्तम ने कृष्ण सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया। इस दौरान भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। कथा समापन पर यजमानों, मुख्य यजमानों, सहयोगी, व्यवस्था सहयोगी, कार्यकर्ताओं एवं महिला मंडलों के प्रति आभार माना।



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source https://www.bhaskar.com/mp/guna/news/mp-news-sitting-at-the-feet-of-a-saint-should-purify-the-mind-acharya-purushottam-063101-6865119.html

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