सीएमओ बोले- नहीं आई शिकायत, फिर भी जांच करवाकर करेंगे कार्रवाई
सरकार द्वारा असंगठित निर्माण मजदूरों के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की है, जिनका लाभ लेने के लिए उन लोगों ने भी मप्र भवन व अन्य निर्माण कर्मकार मंडल के कार्ड बनवा लिए है जिन्होंने कभी मजदूरी ही नहीं की है। बिना जांच के रजिस्टर्ड ठेकेदार की अनुशंसा पर बनाए सैकड़ों कार्डों पर लोग शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पात्रों के मुंह से निवाला छीन रहे है।
श्रम विभाग आंख मूंद कर गरीबों का हक अपात्रों को देने में लगा हुआ है। निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को लाभ पहुंचाने के लिए भवन तथा अन्य संगठित निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 कल्याण उपकर अधिनियम 1886 बनाया गया जिसमें निर्माण कार्यों के रजिस्टर्ड ठेकेदार की अनुंशसा पर श्रम विभाग के माध्यम से मप्र भवन व अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल के कार्ड जारी किए जाते है। जिसमें श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है। जिसमें मकान निर्माण फर्नीचर निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों में लगे मिस्त्री व मजदूरों को कार्ड जारी किए जाते है।
योजनाओं का लाभ लेने के लिए फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वाले, फुटपाथ पर छोटी मोटी दुकानें लगाकर व्यापार करने वाले, फल विक्रेता, सब्जी विक्रेता, चाय पान की होटल चलाने वालों से लेकर कृषि कार्य करने वाले कई लोगों ने अपने किसी चिर परिचित से अनुशंसा कराकर मप्र भवन व अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल के कार्ड बनवा लिए और श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ उठा रहे हंै। वहीं रात दिन तसले ढोने वाले व अन्य निर्माण कार्यों की मजदूरी करने वालों के कार्ड नहीं बन पाने से लाभ से वंचित है।
मजदूरी का काम कर रहे कल्लू शाह, पर्वत सिंह, खिलानसिंह, सादिक खां, नरेन्द्र कुमार का कहना है कि वे कई सालों से प्रतिदिन पुराना बस स्टैंड हॉकर्स जोन से मजदूरी के लिए किसी न किसी ठेकेदार या मिस्त्री के साथ काम पर जाते है लेकिन आजतक उनके मप्र भवन व अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल के कार्ड इसलिए नहीं बन पाए कि ठेकेदार यह कहकर अनुंशसा नहीं करते कि वे उनके यहां नियमित मजदूरी नहीं करते जबकि उन्हें मालूम है कि हम वर्षों से यहीं काम कर रहे है जबकि देखने में यह आता है कि जिन्होंने कभी तसले नहीं ढोए या मजदूरी मिश्त्रीगिरी नहीं की उनके कार्ड बने है और वे योजनाओं का लाभ ले रहे है ऐसे कार्ड धारियों की जांच कर उनके कार्ड निरस्त किए जाए और पात्रों के कार्ड बनाए जाएं।
इस संबंध में सीएमओ बीएल सिंह का कहना है कि पहले उक्त कार्ड श्रम विभाग बनाता था यदि गलत कार्ड बने है तो दिखवाएं लेते है। वैसे ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है फिर भी अगर कोई गलत कार्ड बना है जानकारी दें। जांच कर निरस्त किया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/raisen/news/mp-news-not-the-wages-and-the-amount-drawn-by-drawing-a-wage-card-the-officer-is-under-suspicion-064012-6850537.html
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